
नई दिल्ली। अमेरिका में H-1B वीजा अक्सर चर्चा का विषय बना रहता है। कई लोग मानते हैं कि इस वीजा के जरिए कंपनियां सस्ते विदेशी कर्मचारियों को हायर करती हैं या H-1B वर्कर्स के पास कोई अधिकार नहीं होता। ह्यूस्टन, टेक्सास के इमिग्रेशन अटॉर्नी फेलिप जिमेनेज ने H-1B वीजा से जुड़ी 5 प्रमुख भ्रांतियों की सच्चाई बताई।
1. H-1B वर्कर को काम पर रखना सस्ता होता है?
यह धारणा पूरी तरह गलत है। कंपनियों को H-1B वर्कर को हायर करने से पहले लेबर कंडीशन एप्लिकेशन (LCA) सर्टिफिकेट लेना पड़ता है, जिसमें यह तय होता है कि कर्मचारी को उतनी सैलरी दी जाएगी जितनी उसी काम के लिए अमेरिका में किसी अमेरिकी कर्मचारी को दी जाती। नियमों का उल्लंघन करने पर कंपनियों पर जुर्माना लगाया जा सकता है और उन्हें वीजा प्रोग्राम से बाहर किया जा सकता है।
2. H-1B वर्कर के कोई अधिकार नहीं होते?
ऐसा नहीं है। H-1B वर्कर्स संघीय लेबर कानून, भेदभाव विरोधी कानून और वर्कप्लेस सेफ्टी रेगुलेशन के तहत सुरक्षित होते हैं। उन्हें H-1B पोर्टेबिलिटी की सुविधा भी प्राप्त होती है, जिससे वे कंपनी बदल सकते हैं और नई कंपनी के साथ कानूनी तौर पर काम शुरू कर सकते हैं।
3. H-1B वीजा प्रोग्राम की निगरानी नहीं होती?
यह भी गलत है। USCIS, डिपार्टमेंट ऑफ लेबर और डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी जैसी संस्थाएं H-1B वीजा प्रोग्राम की लगातार निगरानी करती हैं। कंपनियों पर ऑडिट, साइट विजिट और कंप्लाइंस रिव्यू के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाता है कि वर्कर को कानून के तहत सभी अधिकार मिल रहे हैं।
4. H-1B वर्कर हाल ही में ग्रेजुएट हुए स्टूडेंट होते हैं?
अधिकतर H-1B वर्कर्स अनुभवी पेशेवर होते हैं, जैसे सीनियर इंजीनियर्स, डेटा साइंटिस्ट, फिजिशियन, रिसर्चर्स, आर्किटेक्ट और मैनेजर्स। हाल ही में ग्रेजुएट हुए स्टूडेंट भी वीजा प्राप्त कर सकते हैं, लेकिन इसके लिए उन्हें अमेरिका में मास्टर्स करना आवश्यक होता है।
5. H-1B वर्कर बसने के इरादे से आते हैं?
H-1B वीजा नॉन-इमिग्रेंट वीजा है। इसमें ड्यूअल इंटेंट की अनुमति होती है, यानी वर्कर चाहें तो आगे जाकर परमानेंट रेजिडेंसी (ग्रीन कार्ड) के लिए आवेदन कर सकते हैं। आम तौर पर यह वीजा तीन साल के लिए जारी होता है, जिसे आगे तीन साल तक बढ़ाया जा सकता है।
फेलिप ने निष्कर्ष दिया कि H-1B वीजा धारक सुरक्षित और कानूनी अधिकारों के साथ काम कर सकते हैं और इन पर कोई भी कंपनी मनमानी नहीं कर सकती।