Tuesday, February 3

जहरीले कोल्ड्रिफ कफ सिरप का कहर जारी: चार साल के मासूम हर्ष की 120 दिन बाद मौत

छिंदवाड़ा/बैतूल (परासिया/टीकाबरी): जहरीले कोल्ड्रिफ कफ सिरप से जुड़ा मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बैतूल जिले के बोरदेही थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम टीकाबरी निवासी चार वर्षीय हर्ष यदुवंशी ने नागपुर एम्स में 120 दिन तक इलाज के बाद बीती रात दम तोड़ दिया। हर्ष की किडनी जहरीले सिरप के सेवन के कारण फेल हो गई थी। पोस्टमार्टम के बाद बच्चे का शव उसके पैतृक गांव लाया गया, जहां पूरे गांव में शोक का माहौल है।

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सितंबर में बिगड़ी थी तबीयत
हर्ष की तबीयत सितंबर 2025 में अचानक बिगड़ी थी। परिजन 26 सितंबर को उसे परासिया के निजी चिकित्सक डॉ. एस.एस. ठाकुर के पास ले गए थे। आरोप है कि इसी दौरान हर्ष को कोल्ड्रिफ कफ सिरप दिया गया। हालात बिगड़ने पर उसे स्थानीय अस्पताल से नागपुर एम्स रेफर किया गया, जहां अक्टूबर से इलाज चल रहा था। बावजूद इसके उसकी किडनियां गंभीर रूप से प्रभावित रहीं और 120 दिन बाद उसकी मौत हो गई।

शिकायत दर्ज कराई गई थी
हर्ष के चाचा श्याम देवा यदुवंशी ने परासिया एसडीएम को लिखित शिकायत देकर आरोप लगाया था कि डॉक्टर ने दुष्प्रभाव जानते हुए सिरप दिया। इस शिकायत के बाद 22 नवंबर 2025 को परासिया थाने में केस में हर्ष का मामला शामिल किया गया। पुलिस ने केस डायरी में कोल्ड्रिफ सिरप की जब्त बोतल भी दर्ज की है।

अब तक 9 आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने जहरीले कफ सिरप मामले में अब तक 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें डॉक्टर, फार्मा मालिक, केमिकल सप्लायर और मेडिकल स्टोर संचालक शामिल हैं। इसके अलावा कुंडीपुरा पुलिस ने भी इसी मामले में दो और गिरफ्तारियां की हैं।

निजी क्लीनिक पर कार्रवाई नहीं
परासिया के स्टेशन रोड स्थित निजी क्लीनिक, जहां हर्ष का प्रारंभिक इलाज हुआ था, अभी तक सील नहीं किया गया है। पीड़ित पक्ष के वकील संजय पटोरिया के अनुसार, डॉ. एस.एस. ठाकुर और डॉ. अमित ठाकुर के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जबकि सिरप बेचने वाले मेडिकल स्टोर को पहले ही सील किया जा चुका है।

परिजन आक्रोशित, न्याय की मांग
मासूम हर्ष की मौत के बाद परिजनों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि यदि समय रहते जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई होती, तो शायद और बच्चों की जान बचाई जा सकती थी। अब वे दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई और पूरे नेटवर्क की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।

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