
खरगोन। मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में नर्मदा तट पर अंतिम संस्कार को लेकर सोमवार को विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। इस घटना में लगभग 10 लोग घायल हुए, जिन्हें इलाज के लिए मंडलेश्वर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। पुलिस ने इस मामले में दोनों पक्षों के 19 नामजद और लगभग 25 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है।
घटना मंडलेश्वर थाना क्षेत्र के सुलगांव इलाके की है। गांव निवासी 90 वर्षीय गंगाबाई पाटीदार के निधन के बाद पाटीदार समाज के लोग उनका अंतिम संस्कार करने नर्मदा से करीब 200 मीटर दूर वासुदेव पाटीदार की निजी भूमि पर पहुंचे थे। समाज का कहना था कि मुख्य श्मशान तक जाने वाला रास्ता अत्यंत खराब है, इसलिए वासुदेव पाटीदार ने अपनी जमीन अंतिम संस्कार के लिए दान में दी थी।
सोमवार सुबह जैसे ही मुखाग्नि की तैयारी शुरू हुई, पास के रहवासी क्षेत्र में रहने वाले कहार, मानकर और अन्य समुदाय के कुछ लोगों ने शवदाह पर आपत्ति जताई। उनका कहना था कि घरों के पास चिता जलने से निकलने वाला धुआं लोगों को परेशानी देगा और बच्चों में भय का माहौल बनेगा।
एसडीओपी मंडलेश्वर श्वेता शुक्ला ने बताया कि शुरुआत में दोनों पक्षों के बीच बातचीत हुई, लेकिन मामला जल्दी ही गाली-गलौज और उग्र पथराव में बदल गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, उपद्रवियों ने घरों की छतों और गलियों से अंतिम संस्कार में शामिल लोगों और मौके पर मौजूद पुलिस बल पर पत्थर फेंके। अफरा-तफरी के बीच शव वहीं रखा गया और दोनों ओर से जमकर पथराव हुआ।
हिंसक झड़प में एक पुलिस जवान और ग्राम चौकीदार श्रवण सहित कुल 10 लोग घायल हुए। घटना के बाद महेश्वर एसडीओपी श्वेता शुक्ला, मंडलेश्वर थाना प्रभारी पंकज तिवारी, महेश्वर सब-इंस्पेक्टर रविन्द्र जामले और कसरावद थाना प्रभारी राजेंद्र बर्मन मौके पर पहुंचे। हालात काबू में करने के लिए तीन थानों का पुलिस बल तैनात किया गया।
पुलिस ने क्रॉस एफआईआर दर्ज कर दोनों पक्षों की शिकायत पर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। वीडियो फुटेज के आधार पर अन्य पथराव करने वालों की पहचान की जा रही है। फिलहाल गांव में तनावपूर्ण शांति है और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। सोमवार शाम को शांति समिति की बैठक भी आयोजित की गई।