
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जब भी बजट पेश करती हैं, उनके पहनावे पर भी सभी की नजरें टिकी रहती हैं। पिछले 8 साल से लगातार वे भारतीय विरासत को पेश करती खूबसूरत साड़ियां पहनकर सदन में आती रही हैं। इस बार भी उन्होंने बजट पेश करते समय एक बेहद खास साड़ी चुनी, जिसका इतिहास करीब 400 साल पुराना है।
निर्मला सीतारमण ने कट्टम कांजीवरम साड़ी पहनी, जो तमिलनाडु की रेशमी नगरी कांचीपुरम में बनाई जाती है। उनका सादा और क्लासी अंदाज भारतीय संस्कृति और विरासत की कहानी बयाँ करता है।
कट्टम कांजीवरम साड़ी की खासियत:
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कट्टम का मतलब तमिल में होता है – चेक्स या चौखाने।
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साड़ी पर बने स्क्वायर पैटर्न धागों से बुने जाते हैं, प्रिंट नहीं होते।
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प्योर मलबरी सिल्क से बनी साड़ी पर असली सोने-चांदी की जरी का इस्तेमाल होता है।
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बॉर्डर में कॉफी ब्राउन शेड और सुनहरे जरी वर्क, पल्लू चौड़ी प्लीट्स के साथ स्टाइल किया गया।
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साड़ी के साथ कंट्रास्ट येलो कलर का ब्लाउज, राउंड नेक और फुल स्लीव्स में पहनकर लुक को और खास बनाया गया।
इतिहास और महत्व:
कट्टम कांजीवरम साड़ियों की उत्पत्ति करीब 400-500 साल पहले हुई। इसे बुनकर समुदाय देवांग और सालियार ने बनाना शुरू किया था, जिनका पौराणिक रूप से मार्कंडेय ऋषि से संबंध जोड़ा जाता है। पहले यह साड़ियां राजघरानों की महिलाओं और देवताओं के लिए बनाई जाती थीं। चोल और पल्लव साम्राज्य के समय इस कला को संरक्षण मिला। आज यह साड़ी दक्षिण भारतीय संस्कृति की पहचान बन चुकी है और आम लोग भी इसे पहनते हैं।
इस बार भी निर्मला सीतारमण ने सादगी और क्लासीनेस को चुना और बजट पेश करते समय फैशन में नया उदाहरण पेश किया।