
जयपुर: राजस्थान में सरकारी स्कूलों के भवनों की खराब स्थिति ने शिक्षा के भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं। राज्य के स्कूल शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने शुक्रवार को विधानसभा में बताया कि राज्यभर में 3,768 सरकारी स्कूल भवन जर्जर पाए गए हैं। यह जानकारी उन्होंने प्रश्नकाल में भाजपा विधायक संदीप शर्मा के सवाल के जवाब में दी।
झालावाड़ हादसे के बाद हुआ सर्वेक्षण
हाल ही में झालावाड़ जिले में एक सरकारी स्कूल भवन का हिस्सा गिरने से सात बच्चों की मौत हो गई थी। इस दर्दनाक हादसे के बाद राज्य सरकार ने सभी जिलों में सरकारी स्कूल भवनों का जिला-स्तरीय सर्वेक्षण करवाने के निर्देश दिए। इसी सर्वेक्षण के आधार पर यह आंकड़े सामने आए हैं।
2558 भवन जर्जर घोषित, 1,210 प्रक्रियाधीन
मंत्री ने बताया कि सर्वेक्षण में चिन्हित 3,768 जर्जर भवनों में से 2,558 भवनों को आधिकारिक रूप से जर्जर घोषित किया जा चुका है। शेष 1,210 भवनों को जर्जर घोषित करने की प्रक्रिया चल रही है और इन भवनों को ध्वस्त करने की कार्रवाई संबंधित नियमों के तहत की जाएगी।
हजारों स्कूलों में मरम्मत की जरूरत
राज्य में कुल 45,365 राजकीय विद्यालय हैं, जिनमें से 41,178 विद्यालयों में व्यापक स्तर पर मरम्मत कार्य की आवश्यकता पाई गई है। वर्ष 2025-26 के अंतर्गत 2,000 राजकीय विद्यालयों में मरम्मत कार्य के लिए 17,497.51 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है।
बाढ़ और अतिवृष्टि से क्षतिग्रस्त भवनों की मरम्मत
बाढ़ और अतिवृष्टि से क्षतिग्रस्त विद्यालय भवनों की मरम्मत के लिए राज्य आपदा मोचन कोष (एसडीआरएफ) के तहत 20,383 विद्यालयों में मरम्मत कार्य स्वीकृत किया गया है। यह स्वीकृति जिलाधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर दी गई है।
नए भवनों के लिए केंद्र को प्रस्ताव
जर्जर घोषित किए गए 3,768 विद्यालयों में से प्रथम चरण में 1,680 विद्यालयों के लिए नए भवन निर्माण के प्रस्ताव शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार को भेजे गए हैं। इस प्रस्ताव में 1,998.24 करोड़ रुपये की मांग की गई है।
मंत्री मदन दिलावर ने विधानसभा में स्पष्ट किया कि राज्य सरकार सभी जर्जर और खतरनाक भवनों की मरम्मत और नए भवन निर्माण को प्राथमिकता दे रही है, ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर हो।