
मेरठ: उत्तराखंड के हरिद्वार और अन्य पहाड़ी राज्यों तक जाने वाले लोगों के लिए सरधना स्थित चौधरी चरण सिंह कांवड़ पटरी मार्ग प्रमुख मार्ग है। यह मार्ग दूरी और समय दोनों बचाता है, लेकिन तेज रफ्तार के कारण यहां कई बड़े हादसे भी हो चुके हैं।
सड़क सुरक्षा बढ़ाने के लिए अब इस मार्ग पर अधिकतम गति सीमा 50 किलोमीटर प्रति घंटा तय की गई है। जो वाहन चालक इस सीमा का उल्लंघन करेंगे, उनके खिलाफ ऑटोमैटिक डिजिटल चालान कटेगा। गुरुवार को चलाए गए अभियान के दौरान 25 से अधिक वाहन चालकों के चालान काटे गए।
सीओ आशुतोष कुमार ने बताया कि अब मार्ग पर सेंसर और कैमरे लगाए गए हैं। ये वाहनों की गति मापते हैं और यदि निर्धारित सीमा से अधिक पाई जाती है, तो डिजिटल प्रणाली के माध्यम से चालान काटा जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं को कम करना और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
चौधरी चरण सिंह कांवड़ पटरी मार्ग पर पिछले वर्षों में कई जानलेवा हादसे हो चुके हैं। दो साल पहले यहां एक बस पलट गई थी, जिसमें चार लोगों की मौत और कई अन्य घायल हुए थे। इसके अलावा बाइक और ट्रक की टक्करों में भी कई बार लोग घायल हुए हैं या अपनी जान गंवाई है।