Friday, January 30

UGC के नए नियम पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाई, BJP सांसद निशिकांत दुबे के बयान ने खड़ा किया विवाद

रांची।
यूजीसी (UGC) के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट की ओर से रोक लगने के बाद राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में बहस तेज हो गई है। इस बीच गोड्डा से भाजपा सांसद निशिकांत दुबे अपने बड़बोले बयान को लेकर सोशल मीडिया पर जमकर ट्रोल हो रहे हैं।

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सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सांसद निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स’ पर एक पोस्ट साझा की, जिसमें उन्होंने विपक्ष और आलोचकों पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा कि पिछले दो दिनों से वे संसद जा रहे हैं, लेकिन किसी भी राजनीतिक दल ने इस गंभीर मुद्दे पर चर्चा करना जरूरी नहीं समझा।

 

सांसद का बयान

निशिकांत दुबे ने अपनी पोस्ट में कहा कि जिस सरकार ने सवर्णों को 10 प्रतिशत ईडब्ल्यूआर (EWS) आरक्षण दिया, उसे ही गाली दी जा रही है। उन्होंने जनता से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भरोसा रखने की अपील करते हुए लिखा कि देश का कानून संविधान की धारा 14 और 15 के तहत ही चलेगा।

सांसद ने अपने बयान का अंतिम वाक्य लिखा:
सुप्रीम कोर्ट ने वही किया जो मैंने कहा।”
यही वाक्य सोशल मीडिया और विपक्ष के बीच नए विवाद को जन्म दे गया।

 

विपक्ष का पलटवार

इस दावे पर आरजेडी ने कड़ी आपत्ति जताई। आरजेडी प्रवक्ता प्रियंका भारती ने निशिकांत दुबे के बयान को लोकतंत्र के लिए खतरनाक बताया और सवाल उठाया कि क्या अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले भाजपा कार्यालयों में तय होते हैं।

प्रियंका भारती ने आरोप लगाया कि निशिकांत दुबे का बयान यह संकेत देता है कि भाजपा संवैधानिक संस्थाओं और न्यायपालिका पर नियंत्रण रखना चाहती है।

 

सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग

सांसद के इस बड़बोले बयान को लेकर सोशल मीडिया पर भी तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। यूजर्स निशिकांत दुबे को बड़बोलापन’ दिखाने का आरोप लगा रहे हैं और न्यायपालिका की स्वतंत्रता को लेकर सवाल उठा रहे हैं।

राजनीतिक गलियारों में इस बयान ने नई बहस को जन्म दे दिया है और यूजीसी के नियमों पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले की व्यापक चर्चा फिर से गर्म हो गई है।

 

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