Sunday, February 1

स्पर्म, डीएनए, गूगल लोकेशन और सीसीटीवी! फिर भी पकड़ में नहीं आ रहा पटना गर्ल्स हॉस्टल का गुनहगार

पटना।
मुन्नाचक स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल में नीट छात्रा की संदिग्ध मौत का मामला अब सनसनीखेज मोड़ ले चुका है। एफएसएल रिपोर्ट में छात्रा के कपड़ों पर स्पर्म मिलने की पुष्टि के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। इस गंभीर मामले को सुलझाने के लिए 50 सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया है, जिसमें आईपीएस और सीआईडी के विशेषज्ञ शामिल हैं।

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6 संदिग्ध हिरासत में

पुलिस ने हॉस्टल संचालक मनीष रंजन (मनीष चंद्रवंशी) और संचालिका नीलम अग्रवाल के करीबी बताए गए 6 लोगों को हिरासत में लिया है। इनमें हॉस्टल के कर्मचारी और मालिक के परिजन शामिल हैं। पुलिस ने मनीष के जहानाबाद स्थित पैतृक आवास पर भी दबिश दी और परिजनों व पड़ोसियों से घटना के दिन उनकी मौजूदगी के बारे में पूछताछ की। छापेमारी के दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण दस्तावेज भी मिले हैं, जिनकी बारीकी से जांच की जा रही है।

50 की एसआईटी जुटी तकनीकी और फॉरेंसिक सबूतों में

एसआईटी ने अब तक लगभग 40 लोगों के डीएनए सैंपल एकत्र किए हैं। इसमें हॉस्टल के कर्मचारी, मालिक के परिजन और छात्रा के करीबी शामिल हैं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसआईटी की टीम की संख्या 30 से बढ़ाकर 50 कर दी गई है। नई टीम में तकनीकी विशेषज्ञों को प्राथमिकता दी गई है ताकि मोबाइल, गूगल लोकेशन और टावर डेटा से डिजिटल सबूतों का मिलान तेजी से हो सके।

एफएसएल रिपोर्ट ने बदला केस का रुख

शुरुआत में इस मामले को आत्महत्या या संदिग्ध मौत माना जा रहा था, लेकिन एफएसएल रिपोर्ट में स्पर्म की पुष्टि ने इसे यौन उत्पीड़न का मामला बना दिया। अब पुलिस का पूरा ध्यान स्पर्म किसका है इस पर है। डीएनए सैंपल्स का मिलान चल रहा है, वहीं बिसरा और एम्स की ‘सेकेंड ओपिनियन’ रिपोर्ट का भी इंतजार है।

तकनीकी सबूतों की जांच

पुलिस अब तक सीसीटीवी फुटेज, हॉस्टल में बाहरी प्रवेश, मोबाइल लोकेशन और गूगल हिस्ट्री खंगाल रही है। हॉस्टल संचालिका नीलम अग्रवाल और उनके बेटे आशु अग्रवाल से भी लंबी पूछताछ की गई है, ताकि घटनाक्रम के समय मौजूद विरोधाभास साफ किए जा सकें।

मामले की गंभीरता और हाई प्रोफाइल होने के कारण पुलिस हर एंगल से सबूत जुटा रही है, लेकिन अभी तक मुख्य आरोपी पकड़ में नहीं आया है, जिससे परिवार और समाज में गुस्सा और चिंता दोनों बढ़ी हुई है।

 

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