
नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को संसद में आर्थिक सर्वेक्षण 2026 पेश किया। इस साल 1 फरवरी को केंद्रीय बजट पेश किया जाएगा। सर्वेक्षण में भारत की अर्थव्यवस्था की मजबूती और तेज रफ्तार पर जोर दिया गया है।
भारत की ग्रोथ के आंकड़े
सर्वेक्षण में बताया गया है कि भारत की अर्थव्यवस्था 2026 में 7.4% की दर से बढ़ेगी, जो कि पिछले साल की 6.5% की ग्रोथ से बेहतर है। अगर कैलेंडर साल की बात करें तो 2026 में 6.3% और 2027 में 6.5% की वृद्धि होने की संभावना है। अप्रैल-जून की तिमाही में GDP ग्रोथ 8.2% दर्ज की गई, जो पिछले छह तिमाहियों में सबसे ज्यादा है।
क्यों बढ़ रही है तेजी
भारत की तेजी का मुख्य कारण निवेश में वृद्धि और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में उछाल है। महंगाई कम रहने के कारण भारतीय रिजर्व बैंक ने 2025 में ब्याज दरों में 1.25% की कटौती की, जिससे लोन लेना आसान हुआ और मांग बढ़ी। सरकार ने GST में कटौती और कई आर्थिक सुधार लागू किए, जिनसे घरेलू मांग में मजबूती आई।
वैश्विक संदर्भ
सर्वेक्षण में यह भी कहा गया है कि भारत अब दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है, अमेरिका, चीन और जर्मनी के बाद। भारत ने हाल ही में जापान को पीछे छोड़ दिया। इसके बावजूद, वैश्विक आर्थिक परेशानियों जैसे तनाव, मुद्रा अस्थिरता और मांग में बदलाव का असर भारत पर भी है।
IMF और वर्ल्ड बैंक का अनुमान
वर्ल्ड बैंक और इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड का मानना है कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्था बना रहेगा। चालू वित्तीय वर्ष की पहली छमाही में अर्थव्यवस्था 8% की दर से बढ़ी। दूसरी छमाही में ग्रोथ लगभग 6.9% रहने की संभावना है।
सरकारी अनुमान
सरकारी प्रारंभिक अनुमानों के अनुसार 2026 तक भारत की अर्थव्यवस्था 4 ट्रिलियन डॉलर के आंकड़े को पार कर जाएगी। नॉमिनल ग्रोथ यानी बिना महंगाई को एडजस्ट किए 8% रहने का अनुमान है।