Thursday, January 29

रेलवे रिटायरियों के लिए अब नहीं मिलेगा गोल्ड प्लेटेड चांदी का सिक्का

 

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नई दिल्ली: रेलवे बोर्ड ने रिटायर होने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों को दी जाने वाली परंपरा में बड़ा बदलाव किया है। अब से रिटायर होने पर 20 ग्राम का गोल्ड प्लेटेड चांदी का सिक्का उपहार में नहीं मिलेगा। यह फैसला रेलवे बोर्ड की मंजूरी और राष्ट्रपति की स्वीकृति के बाद लागू किया गया है।

 

क्यों उठाया गया यह कदम

रेलवे सूत्रों के अनुसार, चांदी की कीमत में बढ़ोतरी और सिक्कों में मिलावट की खबरों ने इस निर्णय को मजबूरी बना दिया। हाल ही में मध्य प्रदेश से मिली रिपोर्ट में पता चला कि रिटायर कर्मचारियों को दिए गए सिल्वर क्वाइन में चांदी की मात्रा अपेक्षा से कम थी और सिक्के ज्यादातर तांबे के बने थे। इसी कारण अब यह परंपरा समाप्त कर दी गई है।

 

सभी जोन को भेजी गई चिट्ठी

रेलवे बोर्ड ने सभी ज़ोन और प्रोडक्शन यूनिट्स के प्रमुखों को पत्र भेजकर यह निर्णय सूचित किया। पत्र में कहा गया है कि पहले से खरीदे गए या स्टॉक में मौजूद सिक्कों का हिसाब रखा जाए और उन्हें अन्य गतिविधियों में इस्तेमाल किया जाए।

 

परंपरा का इतिहास

रिटायर कर्मचारियों को चांदी का सिक्का देने की यह परंपरा मार्च 2006 में शुरू हुई थी। उस समय कर्मचारियों को 20 ग्राम का गोल्ड प्लेटेड चांदी का सिक्का दिया जाता था, जिसकी कीमत लगभग 1,000 रुपये थी। अब सिक्के की कीमत बढ़कर करीब 10,000 रुपये हो गई थी।

 

नए नियम के पीछे मुख्य कारण

अधिकारी बताते हैं कि बाहर के वेंडरों से खरीदे गए सिक्कों की गुणवत्ता और चांदी की बढ़ती कीमतों के कारण खर्च को नियंत्रित करने के लिए यह कदम उठाना जरूरी था।

 

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