
नई दिल्ली: संसद में बजट सत्र के दूसरे दिन गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित करते हुए कहा कि आज का भारत आत्मविश्वास से भरा हुआ है और दुनिया के लिए आशा की किरण बन गया है। उन्होंने कहा कि भारत अब वैश्विक आकर्षण का केंद्र भी बन चुका है।
पीएम मोदी ने राष्ट्रपति के भाषण का जिक्र करते हुए बताया कि यह 140 करोड़ भारतीयों के भरोसे और विशेषकर युवाओं की उम्मीदों का आईना है। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी सांसदों ने राष्ट्रपति की ओर से सत्र की शुरुआत में और 2026 तक के लिए जताई गई उम्मीदों को गंभीरता से लिया होगा।
प्रधानमंत्री ने भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते का उल्लेख करते हुए कहा कि यह युवाओं के भविष्य को उज्जवल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने देश के उत्पादकों और व्यापारियों से कहा कि वे इस अवसर का पूरा लाभ उठाएं और अपने उत्पादों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दें।
“जब बाजार खुल गया है, तो हमें बाजार में सबसे अच्छी गुणवत्ता वाला सामान लेकर जाना होगा। यह समझौता मछुआरों, किसानों, युवाओं और सेवा क्षेत्र में काम करना चाहने वालों के लिए नए अवसर खोलेगा,” पीएम मोदी ने कहा।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि इस समझौते से यह स्पष्ट हो गया है कि भारत के युवाओं का भविष्य शानदार होने वाला है। उन्होंने देश के निर्माता और व्यापारियों से अपील की कि वे अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाकर देश की प्रतिष्ठा और आर्थिक विकास में योगदान दें।
साथ ही उन्होंने संसद में ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ की भी चर्चा की और कहा कि बजट की ओर जनता का ध्यान स्वाभाविक है, लेकिन इस सरकार की पहचान ‘रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म’ रही है। उन्होंने सांसदों का आभार व्यक्त किया और कहा कि उनके सहयोग से ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ तेजी पकड़ रही है।
प्रधानमंत्री का यह संदेश स्पष्ट रूप से यह दर्शाता है कि भारत वैश्विक स्तर पर आर्थिक और तकनीकी क्षमता के मामले में तेजी से आगे बढ़ रहा है और युवाओं के लिए नए अवसर पैदा कर रहा है।