
नई दिल्ली: MCD के सभी पार्षदों को अब अपने क्षेत्रों में विकास कार्य कराने के लिए सालाना दो करोड़ रुपये का बजट दिया जाएगा। यह राशि चार किश्तों में वितरित की जाएगी।
पार्षदों को मिलेगा बढ़ा हुआ फंड
स्टैंडिंग कमिटी चेयरमैन सत्या शर्मा ने बुधवार को सदन की विशेष बैठक में वर्ष 2025-26 के संशोधित बजट और वर्ष 2026-27 के बजट अनुमानों की घोषणा की। बजट भाषण में पार्षदों के लिए हर साल दो करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा मेयर और स्टैंडिंग कमिटी चेयरमैन के फंड में भी वृद्धि की गई है।
पहले निगम पार्षदों को सालाना केवल 25-40 लाख रुपये तक का फंड ही मिल पाता था, जिससे कॉलोनियों में विकास कार्य ठप पड़े रहते थे। MCD का एकीकरण होने के बाद 2022 से पार्षदों को पर्याप्त फंड नहीं मिल पा रहा था।
बजट से कौन–कौन से काम करवा सकेंगे पार्षद
सीनियर निगम पार्षद योगेश वर्मा ने बताया कि अब टूटी सड़कें, पुलिया की मरम्मत और गलियों का निर्माण जैसी समस्याओं का समाधान जल्द किया जा सकेगा।
पार्षद इस फंड का उपयोग निम्नलिखित कार्यों में कर सकेंगे:
- गलियों और सड़कों का निर्माण और मरम्मत
- नालियों का निर्माण और मरम्मत
- पुलिया बनवाना
- स्ट्रीट लाइट और हाई मास्ट लाइट लगवाना
- पार्कों और सार्वजनिक स्थानों का सौंदर्यकरण, पौधरोपण, ओपन जिम, बच्चों के झूले और बाउंड्री वॉल बनवाना
- MCD स्कूलों और कम्युनिटी सेंटर की मरम्मत, टॉयलेट, पीने के पानी की व्यवस्था, लाइब्रेरी सुविधा
- MCD डिस्पेंसरी की मरम्मत, वेटिंग शेड और फर्नीचर की व्यवस्था
फंड की वितरण प्रक्रिया
बजट राशि चार किश्तों में जारी की जाएगी। प्रत्येक तिमाही के शुरू होने के 10 दिन के अंदर किश्त पार्षदों को जारी कर दी जाएगी। इसके साथ ही हर पार्षद को एक डेटा एंट्री ऑपरेटर भी उपलब्ध कराया जाएगा।