
नई दिल्ली: आईआईटी दिल्ली ने अपने पूर्व छात्रों की मदद से 477 करोड़ रुपये का एनडाउमेंट फंड तैयार कर लिया है, जिसमें से 338 करोड़ रुपये मिल चुके हैं। यह देश का पहला आईआईटी है, जिसने अल्मनाई सपोर्ट रिपोर्ट जारी की है।
आईआईटी दिल्ली के डायरेक्टर प्रो. रंगन बनर्जी ने बताया कि संस्थान की शुरुआत 1966 में 150 छात्रों के साथ हुई थी और आज यहां के अल्मनाई की संख्या हजारों में है। वर्तमान में फंड का लगभग 60% हिस्सा सरकार से आ रहा है, जबकि बाकी 40% संस्थान खुद और अपने पूर्व छात्रों की मदद से जुटा रहा है।
विश्व स्तर पर प्रभाव डालते हैं IIT स्टूडेंट्स
फाउंडेशन डे पर जारी ‘अल्युमनी इम्पैक्ट रिपोर्ट’ के अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ. गुरतेज एस. संधू (माइक्रोन टेक्नॉलजी के प्रमुख फेलो और कॉर्पोरेट वाइस प्रेजिडेंट) ने कहा कि पूर्व छात्र हमेशा अगली पीढ़ी के छात्रों के लिए रोल मॉडल के तौर पर देखे जाते हैं। प्रो. बनर्जी ने बताया कि आईआईटी दिल्ली के छात्र और पूर्व छात्र दुनिया भर में अपनी पहचान और प्रभाव छोड़ते हैं, इसी सोच के तहत यह इम्पैक्ट डॉक्यूमेंट तैयार किया गया।
अगले 10 साल का विजन और फंडिंग योजना
आईआईटी दिल्ली अगले 10 साल का विकास विजन तैयार कर रहा है, जो इस साल मई में लॉन्च होगा। प्रो. बनर्जी ने कहा कि संस्थान इंफ्रास्ट्रक्चर, फैकल्टी, कोर्स और रिसर्च पर फोकस करेगा। इसके लिए 8-9 हजार करोड़ रुपये का अनुमानित निवेश आवश्यक होगा। योजना के अनुसार, इस फंड का एक तिहाई संस्थान खुद जुटाएगा, एक तिहाई अल्मनाई की मदद से और एक तिहाई सरकार से प्राप्त होगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि आईआईटी दिल्ली की यह पहल न केवल संस्थान के विकास में महत्वपूर्ण है, बल्कि अन्य शैक्षणिक संस्थानों के लिए रोल मॉडल भी साबित होगी।