Wednesday, January 28

EU-India ट्रेड डील: अमेरिका के मंत्री भड़के, पूर्व अधिकारी ने ट्रंप प्रशासन की हेकड़ी उड़ाई

 

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वॉशिंगटन: भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच बहुप्रतीक्षित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर अमेरिका में विवाद छिड़ गया है। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन भारत दौरे पर हैं और इस समझौते को ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ कहा जा रहा है।

 

अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने टिप्पणी की कि अमेरिका ने यूक्रेन युद्ध में अधिक योगदान दिया, जबकि यूरोप पीछे रह गया और अब भारत के साथ ट्रेड डील कर रहा है। बेसेंट ने आरोप लगाया कि रूस से तेल खरीदने पर भारत को 25% टैरिफ लगाया गया था, लेकिन यूरोप ने अमेरिका का साथ नहीं दिया।

 

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए एशिया एक्सपर्ट और अमेरिका के पूर्व डिप्टी असिस्टेंट सेक्रेटरी ऑफ स्टेट इवान फीगेनबाम ने ट्रंप प्रशासन की आलोचना की। इवान ने कहा कि रूस से तेल और भारत के कारण यूक्रेन युद्ध का होना जैसी बातें “पूरी तरह बेतुकी हैं”। उन्होंने ट्रंप प्रशासन पर अमेरिका-भारत संबंधों में 25 साल की मेहनत को बर्बाद करने का आरोप लगाया।

 

इवान ने आगे कहा कि ट्रंप प्रशासन ने तीसरे देशों की पार्टनरशिप को द्विपक्षीय भारत-अमेरिका रिश्तों में घुसने दिया, जिससे पहले से गैर-राजनीतिक संबंधों को राजनीतिक रंग दे दिया गया। उन्होंने चेतावनी दी थी, लेकिन ट्रंप प्रशासन ने इसे नजरअंदाज किया।

 

भारत और यूरोपीय यूनियन का यह ऐतिहासिक समझौता करीब 20 साल की बातचीत के बाद हुआ है और इससे 200 करोड़ से अधिक लोगों के लिए एकीकृत बाजार तैयार होगा। इस डील को वैश्विक स्तर पर अमेरिका समेत कई देशों की निगाहों से देखा जा रहा है।

 

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