
मुंबई: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कल्याण-डोंबिवली नगर निगम (KDMC) में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे के साथ गठबंधन को लेकर बड़ा बयान दिया है। शिंदे ने कहा कि यह सहयोग केवल कल्याण-डोंबिवली के विकास के लिए किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सत्ता में होने के बावजूद बीजेपी और शिवसेना अलग नहीं रहेंगी और राज्य की अधिकांश नगरपालिकाओं में महायुति का महापौर होगा।
शिंदे ने कहा, “हमने वहां बीजेपी के साथ मिलकर चुनाव लड़ा और मिलकर ही सत्ता स्थापित करेंगे। राज्य की 29 नगरपालिकाओं में बहुमत महायुति के पास है, इसलिए हमें किसी की जरूरत नहीं है।”
बीजेपी ने जताई हल्की नाराजगी
बीते दिनों KDMC में सत्ता हासिल करने को लेकर शिंदे गुट और मनसे के बीच बातचीत के बाद बीजेपी ने दबी जुबान में नाराजगी जताई। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण ने कहा कि KDMC के फैसले मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे द्वारा लिए जाएंगे।
शिंदे ने प्रेस कांफ्रेंस में इस बात को रेखांकित किया कि राज ठाकरे ने व्यक्तिगत स्वार्थ नहीं देखा और यह गठबंधन केवल शहर के विकास के उद्देश्य से हुआ। उन्होंने ठाणे में भी स्पष्ट किया कि यह क्षेत्र भगवा रहेगा।
महायुति की सत्ता मजबूत
शिंदे ने दावा किया कि मुंबई, ठाणे, कल्याण-डोंबिवली और उल्हासनगर में महायुति का ही महापौर बनेगा। उन्होंने बताया कि बीएमसी में उनकी पार्टी के पास पूर्ण बहुमत है और गठबंधन पूरी तरह मजबूत है।
उन्होंने कहा, “2019 में जनता ने जनमत के खिलाफ सरकार बनाने वालों को जवाब दिया। आज हम महायुति के रूप में मजबूत स्थिति में हैं। राज्य की अधिकांश नगरपालिकाओं में हमारे महापौर होंगे और हमें किसी और की जरूरत नहीं है।”
शिंदे ने शिवसेना-बीजेपी की विचारधारा को बालासाहेब ठाकरे, अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी और नरेंद्र मोदी से जोड़ते हुए विपक्ष पर कटाक्ष किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य की अधिकांश नगरपालिकाओं में सत्ता का नेतृत्व महायुति के हाथ में रहेगा।