Sunday, January 25

टीचर्स की नौकरी बचाने के लिए अनिवार्य हुआ 6 महीने का BEd ब्रिज कोर्स, जानिए कौन हैं पात्र

लखनऊ: देशभर के प्राइमरी टीचर्स के लिए बड़ी खबर है। नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (NCTE) के निर्देशों के अनुसार, 28 जून 2018 से सुप्रीम कोर्ट के 11 अगस्त 2023 के फैसले तक नियुक्त हुए बीएड डिग्रीधारी प्राइमरी टीचर्स को अपनी नौकरी बनाए रखने के लिए 6 महीने का BEd ब्रिज कोर्स करना अनिवार्य होगा। इसके लिए आवेदन की आखिरी तिथि 31 जनवरी 2026 रखी गई है।

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एनआईओएस के माध्यम से आयोजित यह कोर्स ऑनलाइन डिस्टेंस लर्निंग मोड में होगा। इसमें कैंडिडेट्स को स्टडी मटीरियल और लाइव वीडियो लेक्चर मिलेंगे। कोर्स में 90% उपस्थिति और परीक्षा में कम से कम 75% अंक हासिल करना अनिवार्य है। परीक्षा के बाद डाइट एवं गवर्नमेंट इंटर कालेज में असेसमेंट प्रक्रिया 10 दिन तक चलेगी।

एनसीटीई के चेयरमैन प्रो. पंकज अरोड़ा ने बताया कि यह ब्रिज कोर्स केवल उन्हीं टीचर्स के लिए है जो नोटिफिकेशन की तारीख और सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बीच नियुक्त हुए हैं। बाद में नियुक्त हुए बीएड टीचर्स पर यह नियम लागू नहीं होगा।

एनआईओएस के चेयरमैन प्रो. अखिलेश मिश्रा के अनुसार, अब तक 69,281 प्राइमरी टीचर्स ने रजिस्ट्रेशन कराया है। इनमें सबसे ज्यादा उत्तर प्रदेश से 34,602, मध्य प्रदेश से 10,872, बिहार से 8,057, पश्चिम बंगाल से 6,647, हिमाचल प्रदेश से 487 और दिल्ली से 261 टीचर्स शामिल हैं। अनुमान है कि देशभर में करीब 1 लाख टीचर्स इस ब्रिज कोर्स के दायरे में आते हैं।

इस पूरे नियम का इतिहास भी दिलचस्प है। 28 जून 2018 को एनसीटीई ने बीएड डिग्रीधारी टीचर्स को प्राइमरी टीचर्स के लिए पात्र घोषित किया था। इस निर्णय को प्राइमरी टीचर्स के संगठन ने जोधपुर हाईकोर्ट में चुनौती दी, जहां इसे रद्द कर दिया गया। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट में अपील हुई और 8 अप्रैल 2024 को यह निर्देश जारी किया गया कि NCTE इन टीचर्स के लिए ब्रिज कोर्स तैयार करे ताकि प्राइमरी टीचिंग के लिए आवश्यक शैक्षणिक पद्धतियों की जानकारी उन्हें मिल सके।

इस आदेश से उन टीचर्स को राहत मिली है, जिन्होंने 2018-2023 के बीच प्राइमरी टीचिंग में नियुक्ति पाई थी, और अब उन्हें अपनी नौकरी बनाए रखने का यह अंतिम अवसर प्राप्त हुआ है।

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