
दुबई: संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की सरकार ने भारत को अपनी जेलों में बंद 900 से ज्यादा भारतीय नागरिकों की रिहाई की सूची सौंप दी है। यह आदेश यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नहयान ने जारी किया है। सूची अबू धाबी स्थित भारतीय दूतावास को सौंपी गई, और इसके तहत भारतीय कैदी जल्द ही अपने वतन लौटेंगे।
यूएई सरकार ने इन कैदियों के जुर्माने की रकम भी चुका दी है, ताकि वे बिना किसी आर्थिक बोझ के अपने घर लौट सकें। कई भारतीय परिवारों के लिए यह रकम चुकाना मुश्किल था, जो वीजा अवधि पार करने, श्रम विवाद या वित्तीय चूक के कारण जुर्माना दे रहे थे। यूएई सरकार ने यह कदम स्थिरता, सामाजिक एकता और पुनर्वास के अवसर बढ़ाने के प्रयासों के रूप में लिया है।
यूएई और भारत के संबंधों में मजबूती
इस कदम का महत्व इस समय और बढ़ जाता है, जब यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद हाल ही में भारत की एक सफल यात्रा पर आए थे। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और दोनों देशों ने एक रणनीतिक रक्षा साझेदारी पर हस्ताक्षर किए। साथ ही 2032 तक द्विपक्षीय व्यापार को 200 बिलियन डॉलर तक ले जाने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।
याद रहे कि पिछले साल 27 नवंबर को राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद ने घोषणा की थी कि ईद अल-एतिहाद (यूएई का राष्ट्रीय दिवस) के मौके पर दुनियाभर के 2,937 कैदियों को रिहा किया जाएगा। यह रिहाई भारतीय कैदियों के लिए भी लागू हो रही है।
इस पहल से भारत-यूएई संबंधों में और मजबूती आएगी और कैदियों के परिवारों के लिए राहत का काम करेगी।