
भोपाल: मध्य प्रदेश कैडर के वरिष्ठ IPS अधिकारी अभिषेक तिवारी ने सेवा से इस्तीफा देकर स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) के लिए आवेदन किया है। वे वर्तमान में केंद्र सरकार के नेशनल टेक्नोलॉजी ऑर्गेनाइजेशन (NTRO) में डेप्युटेशन पर कार्यरत हैं।
उत्कृष्ट करियर और वीरता पदक:
अभिषेक तिवारी 2013 बैच के IPS अधिकारी हैं और दो बार राष्ट्रपति पदक से सम्मानित हो चुके हैं। बालाघाट जिले में नक्सल विरोधी अभियानों में उनके अदम्य साहस और महत्वपूर्ण योगदान को देखते हुए उन्हें राष्ट्रपति पदक प्रदान किया गया था। इसके अलावा वे मध्य प्रदेश के सागर सहित कई जिलों में पुलिस अधीक्षक के रूप में तैनात रहे।
सेवानिवृत्ति के पीछे कारण:
अधिकारिक तौर पर उन्होंने व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए नौकरी छोड़ने की बात कही है। हालांकि प्रशासनिक गलियारों में कयास लगाए जा रहे हैं कि वे भविष्य में साइबर टेक्नोलॉजी या नई तकनीकी परियोजनाओं में काम करने की योजना बना रहे हैं।
प्रतिनियुक्ति पर सेवाएं:
अभिषेक तिवारी वर्तमान में NTRO में डेप्युटेशन पर सेवाएं दे रहे हैं। इसके पहले उनका सागर जिले में कार्यकाल विवादित रहा, जब वर्ष 2024 में भारी बारिश के दौरान गिरती दीवार से नौ बच्चों की मृत्यु हो गई थी। इस घटना के बाद उन्हें प्रतिनियुक्ति पर भेजा गया था।
लोकप्रियता और प्रशासनिक छवि:
अभिषेक तिवारी की पहचान एक सख्त, पर प्रभावशाली और नवाचारी अधिकारी के रूप में रही है। उनके नेतृत्व और कार्यशैली के कारण उनका नाम प्रशासनिक हलकों में सम्मान के साथ लिया जाता है।