Sunday, January 25

भोजशाला परिसर में सरस्वती पूजा और जुम्मे की नमाज, 8 हजार जवान तैनात, सुरक्षा कड़े इंतजाम

धार: मध्य प्रदेश के धार जिले में शुक्रवार को भोजशाला परिसर में बसंत पंचमी और जुम्मे की नमाज के मौके पर प्रशासन ने सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए। पहले हिंदू समाज ने मां वाग्देवी की सरस्वती पूजा की और दोपहर 1 से 3 बजे तक मुस्लिम समाज ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार जुम्मे की नमाज अदा की।

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8 हजार से अधिक जवान तैनात:
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भोजशाला परिसर को छह सेक्टर में बांटा गया, जबकि पूरे शहर को सात जोन में विभाजित कर निगरानी सुनिश्चित की गई। स्थानीय पुलिस, सीआरपीएफ और रैपिड एक्शन फोर्स के 8 हजार से अधिक जवान पूरे इलाके में तैनात रहे। प्रशासन ने ड्रोन और एआई तकनीक की मदद से 3डी मैपिंग कर चौबीसों घंटे निगरानी सुनिश्चित की।

सुरक्षा के साथ सहज संचालन:
सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय दो घंटे के समय में मुस्लिम समाज को नमाज अदा करने की अनुमति दी गई। दोनों समुदायों के लिए परिसर में अलग-अलग मार्ग और स्थान निर्धारित किए गए, ताकि कोई अप्रिय स्थिति न उत्पन्न हो। नमाज करीब 20 मिनट तक चली और सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित रूप से परिसर से बाहर निकाला गया।

केसरिया सजावट और सकारात्मक कदम:
हिंदू श्रद्धालुओं ने सुबह के समय केसरी रंग और फूलों से परिसर को सजाया और धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ पूजा अर्चना की। मुस्लिम पक्ष ने निर्धारित समय में शांतिपूर्ण ढंग से नमाज अदा की। इसे विवादित स्थल पर आपसी सह-अस्तित्व और शांति बनाए रखने की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।

कोर्ट में विचाराधीन मामला:
भोजशाला परिसर को लेकर विवाद हाईकोर्ट में लंबित है। हिंदू इसे सरस्वती मंदिर मानते हैं और पूजा करते हैं, जबकि मुस्लिम समाज इसे कमाल मौला की मस्जिद बताते हुए नमाज पढ़ता है। सुप्रीम कोर्ट ने दोनों समुदायों के लिए समय और व्यवस्था सुनिश्चित करने के आश्वासन को रिकॉर्ड पर लिया है।

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