
नई दिल्ली: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की विश्वसनीयता पर एक बार फिर सवाल उठ गया है। Elon Musk के Grok AI को विराट कोहली की बचपन की फोटो दिखाई गई और पूछा गया कि यह बच्चा 37 साल की उम्र में कैसा दिखेगा। हालांकि AI ने फोटो बदलकर दिखाई, लेकिन परिणाम विराट कोहली से बिल्कुल मेल नहीं खाया।
सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस अनुभव ने दिखाया कि Grok AI ने विराट की पहचान करने में पूरी तरह नाकामी पाई। AI द्वारा बनाई गई तस्वीर किसी और व्यक्ति जैसी प्रतीत हुई, जिससे यह साफ हुआ कि AI अभी भी हर बार सटीक परिणाम नहीं दे पाता।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह घटना यह याद दिलाती है कि तकनीक को ‘गुरु’ मान लेना खतरनाक हो सकता है। लोग AI पर भरोसा कर भविष्य जानने, व्यक्तिगत जानकारी साझा करने जैसे कदम उठा रहे हैं, लेकिन यह हमेशा सुरक्षित या सही नहीं होता। हाल ही में OpenAI के ChatGPT पर एक मामला भी सामने आया, जिसमें AI के जवाब ने गंभीर परिणाम दिए।
इस घटना से यह साबित होता है कि AI मानव जैसी संवेदनाओं और सटीकता में अभी भी सीमित है। विशेषज्ञों का सुझाव है कि तकनीक का उपयोग समझदारी और सतर्कता के साथ ही किया जाए।