Sunday, January 25

गणतंत्र दिवस 26 जनवरी: इतिहास, महत्व और देशभक्ति का प्रतीक

नई दिल्ली: भारत में हर साल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। यह दिन 1950 में भारतीय संविधान को अपनाने और भारत को एक स्वतंत्र, लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में घोषित करने की याद दिलाता है। भारतीय संविधान के मुख्य निर्माता डॉ. बी. आर. अंबेडकर थे, जिन्होंने इसे तैयार कर भारतीय लोकतंत्र की नींव रखी।

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इतिहास और 26 जनवरी का महत्व:
भारत का संविधान 26 नवंबर 1949 को तैयार हुआ था, लेकिन इसे लागू करने के लिए 26 जनवरी का दिन चुना गया। इसके पीछे ऐतिहासिक कारण यह है कि साल 1930 में इसी दिन लाहौर अधिवेशन में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने ‘पूर्ण स्वराज’ की घोषणा की थी। 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू करके, भारत ने ब्रिटिश शासन से अपनी स्वतंत्रता की लड़ाई को पूरा किया और लोकतांत्रिक युग की शुरुआत की। इस तरह यह दिन हमारे स्वतंत्रता संघर्ष की स्मृति और लोकतंत्र की शक्ति का प्रतीक बन गया।

गणतंत्र दिवस का महत्व:
गणतंत्र दिवस केवल एक समारोह नहीं है, बल्कि यह हमारे लोकतांत्रिक मूल्यों, अधिकारों और कर्तव्यों की याद दिलाने वाला दिन है। इस दिन देश के नागरिकों को संविधान के महत्व, समानता, न्याय, स्वतंत्रता और भाईचारे का बोध होता है। पूरे देश में परेड का आयोजन, झंडा फहराना और राज्यों की सांस्कृतिक झांकियां निकलना इस दिन की खास परंपरा है।

देशभक्ति और जिम्मेदारी का संदेश:
26 जनवरी हमें याद दिलाता है कि एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में हमारे अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्य भी हमारी जिम्मेदारी है। यह दिन हमें एकता, सहिष्णुता और अपने देश के विकास में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करता है। गणतंत्र दिवस पर हम न केवल अपने संविधान का सम्मान करते हैं, बल्कि अपने देश और समाज के प्रति अपने कर्तव्यों को निभाने का संकल्प भी लेते हैं।

इस प्रकार, 26 जनवरी का दिन गर्व, जिम्मेदारी और देशभक्ति का प्रतीक बन गया है, जो हर भारतीय के दिल में लोकतंत्र और स्वतंत्रता का संदेश भरता है।

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