
नई दिल्ली: नोएडा में सेक्टर-150 में हुए हादसे में इंजीनियर की मौत के बाद सिस्टम की लापरवाही की आलोचना हो रही है। इसी तरह की लापरवाही अब दिल्ली में भी सामने आई है। द्वारका, पालम और नजफगढ़ रोड पर खुले और बिना बैरिकेडिंग वाले गड्ढे लोगों के लिए बड़ा खतरा बन रहे हैं।
खतरे के कुछ प्रमुख इलाके:
- ब्राह्मा अपार्टमेंट के पास सर्विस लेन: डीजेबी की सीवर लाइन रिपेयरिंग के चलते कई दिनों से खुला गड्ढा है। रात में स्ट्रीट लाइट की कमी और बैरिकेडिंग न होने के कारण यह बेहद खतरनाक है।
- द्वारका सेक्टर-13, आयुध विहार सोसायटी के पास: कई महीनों से गड्ढा खुला पड़ा है। न कोई चेतावनी बोर्ड है और न बैरिकेडिंग।
- मेट्रो स्टेशन सेक्टर-8 तक पहुंचने वाली पगडंडी: गहरा गड्ढा होने के बावजूद पैदल यात्री, स्कूली बच्चे और बाइक सवार इस पगडंडी से गुजरते हैं। केवल फटा हरा जालीनुमा कपड़ा लगाया गया है।
- नजफगढ़ रोड, नवादा मेट्रो स्टेशन के पास: लंबे समय से गड्ढा खुला पड़ा है, भारी ट्रैफिक और जाम की स्थिति में यह हादसे की संभावना बढ़ा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इन गड्ढों की अनदेखी किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकती है। पैदल चलने वाले, टू-व्हीलर और आसपास की रिहायशी सोसायटियों के लोग हर दिन खतरे में गुजरते हैं।
विशेष नोट: अधिकारियों से तत्काल गड्ढों की बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड और उचित रोशनी की व्यवस्था करने की मांग की जा रही है, ताकि नोएडा जैसा हादसा दिल्ली में न हो।