
केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ में नए मेयर के चुनाव में अब केवल छह दिन शेष हैं। चुनाव 29 जनवरी 2026 को आयोजित होगा, और इससे पहले राजनीति गरमाई हुई है।
बीजेपी ने मेयर पद पर अपना दावा बनाए रखने के लिए राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े को मोर्चे पर लगाया है। वहीं सवाल यह है कि क्या कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (आप) फिर से गठबंधन कर बीजेपी को रोक पाएंगे।
पिछली चुनावी पृष्ठभूमि
2024 में आप को मेयर की कुर्सी मिली थी, जबकि सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर पद बीजेपी के पास गए थे।
2025 में मेयर पद बीजेपी के हाथ चला गया था, हरप्रीत बबला मेयर बनीं।
सीनियर डिप्टी मेयर पर कांग्रेस के जसबीर बंटी और डिप्टी मेयर पर तरुणा मेहता ने जीत दर्ज की।
35 सदस्यीय नगर निगम में बीजेपी के पास 18, आप के पास 11 और कांग्रेस के पास 6 पार्षद हैं।
गठबंधन की संभावना
चंडीगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष हरमोहिंदर सिंह लकी ने कहा कि अभी तक आप के साथ कोई औपचारिक गठबंधन नहीं हुआ है, लेकिन बीजेपी को रोकने के लिए बातचीत जारी है। आप ने चंडीगढ़ के प्रभारी के रूप में जरनैल सिंह को नियुक्त किया है।
यदि कांग्रेस और आप एकजुट होते हैं, तो विपक्ष की संख्या 18 तक पहुंच सकती है, जबकि मेयर पद जीतने के लिए 19 वोटों का साधारण बहुमत आवश्यक है।
चंडीगढ़ मेयर चुनाव में भाजपा, आप और कांग्रेस के बीच संभावित रणनीतिक गठजोड़ और बहस को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं, और आने वाले छह दिन में अंतिम रणनीति का खुलासा होने की उम्मीद है।