
दरभंगा/पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी ‘समृद्धि यात्रा’ के जरिए राज्य के विकास कार्यों का जमीनी जायजा लेने और जनता से सीधे संवाद करने में व्यस्त हैं। 16 जनवरी 2026 को पश्चिम चंपारण के बेतिया से शुरू हुई यह यात्रा पहले चरण में आठ दिनों में नौ जिलों का दौरा कर सफल रही। इस दौरान मुख्यमंत्री ने योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया तथा अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठकें कर कार्यों की गुणवत्ता की बारीकी से जांच की।
पहले चरण में पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, गोपालगंज, सारण और सिवान जिलों में विकास कार्यों का स्थल निरीक्षण पूरा हो चुका है। मुख्यमंत्री ने इन जिलों में जनसभाओं को संबोधित कर लाभार्थियों से उनकी वास्तविक समस्याओं और अनुभवों पर चर्चा की। यात्रा का पहला चरण 23 जनवरी को मुजफ्फरपुर और 24 जनवरी को वैशाली में पड़ाव के साथ संपन्न होगा।
अब मिथिलांचल क्षेत्र में ‘समृद्धि यात्रा’ का दूसरा चरण 27 जनवरी से 29 जनवरी तक चलेगा। इस चरण का कार्यक्रम इस प्रकार है:
27 जनवरी: मधुबनी जिले में विकास कार्यों की समीक्षा
28 जनवरी: दरभंगा में विभिन्न योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास
29 जनवरी: समस्तीपुर जिले में जनसंवाद और स्थल निरीक्षण
यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री का मुख्य जोर ‘सात निश्चय’ जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं की प्रगति और गुणवत्ता पर रहेगा। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए जाएंगे। इस यात्रा का उद्देश्य केवल योजनाओं का निरीक्षण नहीं बल्कि जनता की समस्याओं का मौके पर ही समाधान करना और राज्य के विकास की गति को तेज करना है।
जमीनी हकीकत से रूबरू होने और सीधे संवाद के इस प्रयास को बिहार की प्रगति को नई दिशा देने वाला मील का पत्थर माना जा रहा है।