
भारत में मेडिकल जगत में एक ऐतिहासिक सफलता दर्ज की गई है। बेंगलुरु के फोर्टिस हॉस्पिटल में पहली बार एक ही एनेस्थीसिया सेशन में दो खतरनाक बीमारियों का रोबोटिक सर्जरी के जरिए इलाज किया गया। यह सर्जरी न केवल भारत की चिकित्सा क्षमताओं को प्रदर्शित करती है, बल्कि विश्व स्तर पर भी इसकी मिसाल है।
56 वर्षीय प्रवासी भारतीय मरीज को कोरोनरी आर्टरी ब्लॉकेज और प्रोस्टेट कैंसर दोनों का निदान हुआ था। सामान्यतः इन दोनों बीमारियों का इलाज अलग-अलग सर्जरी से किया जाता है, लेकिन इस मामले में डॉक्टरों ने इन दोनों ऑपरेशनों को एक ही सिटिंग में सुरक्षित और सफलतापूर्वक संपन्न किया।
सर्जरी का विवरण:
रोबोटिक हार्ट बायपास (MIDCAB):
MICS & Robotic Cardiac Surgery के डायरेक्टर डॉ. सुदर्शन जी टी के अनुसार, हार्ट बायपास सर्जरी सिर्फ 1.5 घंटे में पूरी की गई। इसमें मरीज की छाती पर छोटे छेद करके LIMA आर्टरी के माध्यम से ब्लड फ्लो रीस्टोर किया गया।
रोबोटिक रेडिकल प्रोस्टेक्टोमी:
रीनल साइंसेज के प्रिंसिपल डायरेक्टर डॉ. मोहन केशवमूर्ति ने बताया कि प्रोस्टेट कैंसर सर्जरी 3.5 घंटे में पूरी की गई। इसमें कैंसर से प्रभावित प्रोस्टेट और आसपास की ग्लैंड हटाई गई और पेशाब की नली में अस्थायी स्टेंट लगाए गए।
डॉक्टरों ने इस सर्जरी से पहले मल्टीडिसिप्लीनरी प्लानिंग की और सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा। इस तरीके से मरीज को अस्पताल में भर्ती होने और रिकवरी के समय की बचत हुई और बार-बार एनेस्थीसिया लेने की जरूरत नहीं पड़ी।
सर्जरी के बाद मरीज की स्थिति स्थिर है और उन्हें 5 दिन में डिस्चार्ज कर दिया जाएगा। इस अनोखी सफलता से भारत की सर्जिकल विशेषज्ञता और रोबोटिक तकनीक में क्षमता विश्व स्तर पर प्रमाणित हुई है।