Thursday, January 22

चीन की ‘चीते जैसी रफ्तार’: 6G टेक्नोलॉजी में बड़ी उपलब्धि, अमेरिका और भारत को पीछे छोड़ सकता है

 

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बीजिंग, 22 जनवरी: चीन 6G नेटवर्क लॉन्च करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। देश ने 6G टेक्नोलॉजी ट्रायल का पहला चरण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है और दूसरा चरण भी शुरू हो गया है। इससे यह स्पष्ट हो गया है कि चीन भविष्य की सूचना और संचार टेक्नोलॉजी में खुद को दुनिया का अग्रणी देश बनाने की तैयारी कर रहा है।

 

6G ट्रायल और प्रगति

 

चीन ने 6G टेक्नोलॉजी ट्रायल के पहले चरण में 300 से अधिक जरूरी तकनीकों को रिजर्व किया। अब दूसरा चरण भी चल रहा है, जिसमें रिसर्च और डेवलपमेंट को और तेज किया जाएगा। स्टेट काउंसिल इन्फॉर्मेशन ऑफिस की प्रेस कॉन्फ्रेंस में चीन के इंडस्ट्री और इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी मंत्रालय के अधिकारियों ने इस सफलता की जानकारी दी।

 

5G में भी चीन का दबदबा

 

मंत्रालय के सूचना और संचार विकास विभाग के प्रमुख Xie Cun ने बताया कि चीन में अब तक 4.838 मिलियन 5G बेस स्टेशन लगाए जा चुके हैं और 5G यूजर्स की संख्या 1.2 अरब से अधिक हो गई है। उन्होंने यह भी कहा कि 5G से जुड़े ग्लोबल स्टैंडर्ड एसेंशियल पेटेंट के 42% दावे चीन की ओर से किए गए हैं। चीन ने दुनिया का सबसे बड़ा और एडवांस इंफॉर्मेशन इंफ्रास्ट्रक्चर भी तैयार कर लिया है।

 

6G के लिए आगे की योजना

 

चीन का लक्ष्य है कि 6G टेक्नोलॉजी के लिए एक मजबूत इंडस्ट्री इकोसिस्टम तैयार किया जाए, जो एप्लीकेशन आधारित हो। मंत्रालय 6G पर रिसर्च और डेवलपमेंट को और तेज करेगा और भविष्य की प्लानिंग को बेहतर बनाएगा।

 

विशेषज्ञों का अनुमान है कि चीन अमेरिका और भारत जैसे देशों को पीछे छोड़ते हुए सबसे पहले 6G नेटवर्क रोल आउट करने वाला देश बन सकता है। हालांकि, भारत और अमेरिका भी 6G टेक्नोलॉजी पर तेजी से काम कर रहे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, आम यूजर्स 2030 तक 6G नेटवर्क का इस्तेमाल कर पाएंगे।

 

 

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