
सर्दियों के मौसम में नए आलू की खासियत और स्वाद हर किसी को भाता है। लेकिन इन पर जमी मिट्टी और नाजुक छिलकों को निकालना अक्सर थका देने वाला काम होता है। अब लुधियाना के सिदक ने एक ऐसा आसान तरीका बताया है, जिससे आलू मिनटों में साफ और छिले हो जाते हैं—वॉशिंग मशीन का कमाल।
आलू का सही चुनाव और तैयारी
यह तरीका केवल नए आलू पर ही कारगर है, क्योंकि पुराने आलू का छिलका सख्त होता है और यह प्रक्रिया उस पर काम नहीं करती। मशीन में एक साथ लगभग 5 से 10 किलो आलू डाले जा सकते हैं। डालने से पहले कंकड़ या बड़े पत्थर हटा दें ताकि मशीन को नुकसान न पहुंचे।
मशीन को तैयार करना
आलू डालने के बाद मशीन के ड्रम को पानी से भर दें। ध्यान रखें, इसमें साबुन या डिटर्जेंट का इस्तेमाल न करें—सिर्फ साफ पानी पर्याप्त है। मशीन को नॉर्मल वॉश मोड पर सेट करें। जैसे ही सर्कल शुरू होगा, पानी और ड्रम की रगड़ से आलू आपस में टकराने लगेंगे।
मिट्टी निकालने और रगड़ने की प्रक्रिया
मशीन के अंदर घूमते हुए आलू आपस में टकराते हैं और रगड़ खाते हैं, जिससे मिट्टी पानी में घुल जाती है। ड्रम के नीचे का चक्का आलू को ऊपर-नीचे उछालता है, जिससे कोनों में फंसी गंदगी भी निकल जाती है।
छिलका उतरने का चमत्कार
नए आलू का पतला छिलका मशीन की रगड़ से आसानी से उतर जाता है। लगभग 5–10 मिनट बाद आलू सफेद, साफ और ज्यादातर छिलके से मुक्त हो जाते हैं। जो काम हाथ से करने में घंटों लगते, मशीन ने चुटकियों में कर दिया।
आखिरी सफाई और सावधानी
मशीन पूरा काम कर लेने के बाद गंदा पानी निकाल दें और आलू को एक बार ताजे पानी से धो लें। इसके साथ ही वॉशिंग मशीन के ड्रम और फिल्टर को अच्छी तरह साफ करना न भूलें। अत्यधिक संख्या में आलू डालने से मशीन पर अधिक लोड पड़ सकता है।
यह जुगाड़ बुजुर्गों और व्यस्त रसोइयों के लिए वरदान साबित हो सकता है, क्योंकि अब नए आलू साफ और छीलने में समय और मेहनत की बचत होती है।