
संभल। 24 नवंबर 2024 को शाही जामा मस्जिद सर्वे के विरोध में भड़की हिंसा के मास्टरमाइंड घोषित किए गए कुख्यात अपराधी शारिक साठा के खिलाफ पुलिस ने बड़ा और सख्त कदम उठाया है। बुधवार को जिला न्यायालय के आदेश पर संभल पुलिस ने उसकी चल और अचल संपत्तियों को कुर्क करने की कार्रवाई शुरू की। कुर्की के आदेश की घोषणा डुगडुगी बजाकर की गई, जिससे पूरे इलाके में कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक रूप से दी गई।
पुलिस और प्रशासन ने सुबह से ही इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए फ्लैग मार्च निकाला गया, इसके बाद शारिक साठा के घर पहुंचकर कुर्की की प्रक्रिया शुरू कराई गई। इस दौरान भारी संख्या में पुलिस बल और महिला पुलिसकर्मी मौके पर तैनात रहीं।
नखास थाना क्षेत्र में हुई कार्रवाई
कुर्की की यह कार्रवाई संभल के नखास थाना क्षेत्र स्थित शारिक साठा के मकान पर की गई। पुलिस अधिकारियों ने माइक के माध्यम से कोर्ट के आदेश को पढ़कर सुनाया। आदेश पढ़े जाने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में संपत्ति कुर्की की औपचारिक घोषणा की गई। कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी मौके पर मौजूद रहे।
कोर्ट के निर्देश पर अटैच हुई संपत्ति
तहसीलदार धीरेंद्र कुमार ने बताया कि न्यायालय के निर्देशों के अनुसार शारिक साठा की संपत्ति को अटैच किया गया है। यह संपत्ति शहर के सबसे महंगे इलाकों में स्थित है। चार मंजिला इमारत में से केवल वही हिस्सा कुर्क किया गया है, जो फरार आरोपी शारिक साठा की मिल्कियत में है। रेवेन्यू विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने पूरी प्रक्रिया को विधिवत पूरा कराया।
संभल हिंसा का घोषित मास्टरमाइंड
शारिक साठा को 24 नवंबर 2024 को शाही जामा मस्जिद में एडवोकेट कमिश्नर के सर्वे के दौरान हुई हिंसा का मास्टरमाइंड बताया गया है। उस दिन पुलिस और प्रशासनिक टीम पर हमला किया गया था। हिंसा के दौरान पथराव, फायरिंग और आगजनी की घटनाएं हुई थीं, जिसमें बिलाल, नईम, कैफ और अयान की गोली लगने से मौत हो गई थी, जबकि करीब तीन दर्जन पुलिसकर्मी घायल हुए थे।
हिंसा के बाद गठित एसआईटी की जांच में शारिक साठा का नाम सामने आने पर वह विदेश फरार हो गया था। पुलिस का दावा है कि उसने हिंसा भड़काने के लिए हथियारों की आपूर्ति की और स्थानीय सहयोगियों के साथ मिलकर साजिश रची।
69 आपराधिक मुकदमों का आरोपी
शारिक साठा को देश का सबसे बड़ा वाहन चोर माना जाता है। उसके खिलाफ चोरी, जालसाजी, गैंगस्टर एक्ट, आर्म्स एक्ट और हत्या समेत कुल 69 आपराधिक मामले दर्ज हैं। संभल हिंसा में उसकी भूमिका सामने आने के बाद पुलिस लगातार उसकी संपत्तियों पर कार्रवाई कर रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अपराध से अर्जित संपत्ति पर आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी और फरार आरोपी को कानून के शिकंजे में लाने के हर संभव प्रयास किए जाएंगे।