
मुंबई: मुंबई के पनवेल रेलवे स्टेशन पर देश के दो टॉप पोल वॉल्ट एथलीट देव मीणा और कुलदीप यादव के साथ शर्मनाक घटना हुई। दोनों बेंगलुरु से भोपाल लौट रहे थे, जब ट्रेन में उनके पोल वॉल्ट उपकरणों को लेकर टीटीई ने विवाद किया और उन्हें ट्रेन से जबरन नीचे उतार दिया। इस दौरान एथलीटों को स्टेशन पर 4–5 घंटे तक इंतजार करना पड़ा।
- अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी और उनके उपकरण: पोल वॉल्ट का पोल लगभग 5 मीटर लंबा और 5 लाख रुपये का होता है। यह उपकरण किसी भी पोल वॉल्टर के लिए उतना ही अहम है जितना क्रिकेट में बैट या बैडमिंटन-टेनिस में रैकेट।
- टीटीई का विवाद: ट्रेन में टिकट जांच के दौरान टीटीई ने उपकरणों को ‘अनऑथराइज्ड लगेज’ करार दिया और एथलीटों को नीचे उतरने का आदेश दिया। देव और कुलदीप ने अपनी मंजूरी और लगेज फाइन भरने की पेशकश की, लेकिन टीटीई ने इंकार कर दिया।
- एथलीटों की व्यथा: देव मीणा ने कहा, “हमें रेलवे स्टेशन पर चार–पाँच घंटे तक इंतजार करना पड़ा। यदि हमारे साथ यह हुआ है तो जूनियर खिलाड़ियों के साथ क्या होगा? हमें स्पेस चाहिए और अगर इसके लिए पैसे देने पड़ें तो हम तैयार हैं।”
- नेशनल रिकॉर्ड होल्डर: देव मीणा ने 5.40 मीटर की ऊँचाई पार कर नेशनल रिकॉर्ड बनाया है। कुलदीप यादव ने बेंगलुरु में 5.10 मीटर की ऊँचाई पार कर गोल्ड मेडल जीता। लेकिन ट्रेन यात्रा के दौरान यह खुशी दर्द में बदल गई।
- समाधान: अंततः दोनों एथलीटों को दूसरी ट्रेन में जगह मिली, लेकिन इसके लिए उन्होंने लगेज फाइन चुकाना पड़ा। टीटीई ने चेतावनी दी कि अगर कोई भी यात्री उपकरणों को लेकर शिकायत करेगा तो उन्हें फिर से उतारा जा सकता है।
यह घटना सोशल मीडिया पर गुस्से की लहर पैदा कर रही है और एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर रही है कि भारत में क्रिकेट के अलावा अन्य खेलों को पर्याप्त सम्मान और सुविधाएं मिल रही हैं या नहीं।