
नई दिल्ली/वारसॉ: भारत-पोलैंड संबंधों में पाकिस्तान को लेकर कड़ी बहस हुई। भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पोलैंड के विदेश मंत्री और उप-प्रधानमंत्री राडोस्लाव सिकोरस्की को स्पष्ट संदेश दिया कि पोलैंड को पड़ोसी देशों में आतंकवाद को बढ़ावा नहीं देना चाहिए।
जयशंकर ने कहा, “पोलैंड को आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस दिखाना चाहिए।” यह टिप्पणी विशेष रूप से सिकोरस्की की अक्टूबर 2025 में पाकिस्तान यात्रा को लेकर थी, जब वे पाकिस्तानी नेताओं से मिले थे। जयशंकर ने इस दौरान यह भी रेखांकित किया कि भारत उम्मीद करता है कि उसके साझेदार पड़ोसी देशों में आतंकवादी ढांचे को मदद न दें।
पोलैंड का पाकिस्तान प्रेम:
जियो-पॉलिटिकल एक्सपर्ट श्रीपर्णा पाठक ने बताया कि पोलैंड का पाकिस्तान प्रेम केवल हाल का नहीं है। 1947 में नए बने पाकिस्तान को पोलैंड ने टेक्निकल मदद दी, व्लादिस्लाव टुरोविच के नेतृत्व में पाकिस्तानी एयर फोर्स के लिए पायलट भेजे गए। 1965 और 1971 के युद्धों के दौरान पोलैंड ने पाकिस्तान को हथियारों और प्रशिक्षण प्रदान किया और अंतरराष्ट्रीय दबावों में पाकिस्तान का समर्थन किया।
स्नातक और रक्षा विशेषज्ञ स्वास्ति राव ने कहा कि पोलिश एयरमैन जैसे व्लादिस्लाव टुरोविच पाकिस्तान के स्पेस और मिसाइल प्रोग्राम के संस्थापक बने। जबकि 1947 से 1991 तक पोलैंड भारत के प्रमुख रक्षा साझेदारों में से था, तब सोवियत ब्लॉक का हिस्सा होने के बावजूद भारत के साथ मजबूत व्यापारिक संबंध बनाए रखे।
भारत-पोलैंड द्विपक्षीय संबंध:
पाकिस्तान को लेकर कड़वाहट के बावजूद, भारत और पोलैंड के बीच व्यापार लगातार बढ़ा है। पिछले 10 सालों में द्विपक्षीय व्यापार 200% बढ़कर 7 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया है। दोनों देशों ने सीधी उड़ान, टेक्नोलॉजी और निवेश सहयोग बढ़ाने की योजना बनाई है।
जयशंकर की यह कड़ी चेतावनी और पोलैंड के पाकिस्तान प्रेम के ऐतिहासिक पहलुओं को देखते हुए, यह स्पष्ट होता है कि दक्षिण एशिया और यूरोप की जियो-पॉलिटिकल जटिलताएँ अब और अधिक महत्वपूर्ण हो गई हैं।