
नई दिल्ली, 17 जनवरी 2026: जम्मू-कश्मीर के एलओसी (नियंत्रण रेखा) पर पाकिस्तानी ड्रोन की उपस्थिति ने सुरक्षा बलों और राजनीतिक नेताओं की चिंता बढ़ा दी है। पिछले कुछ दिनों में एलओसी पर तीन बार पाकिस्तान के ड्रोन देखे गए हैं। इसे लेकर कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने कड़ा रिएक्शन दिया है।
सिंघवी ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा, “पाकिस्तान अपनी पुरानी चाल पर लौट आया है। ऑपरेशन सिंदूर के कुछ ही दिनों बाद जम्मू-कश्मीर में फिर से ड्रोन देखे गए हैं। यह गलती से किया गया उकसावा नहीं, बल्कि जानबूझकर की गई दुश्मनी है। भारत इसे देख रहा है और इसका जवाब देगा।”
सूत्रों के अनुसार, 15 जनवरी को पुंछ और सांबा जिलों में एलओसी के पास पाकिस्तानी ड्रोन मंडराते हुए देखे गए। सुरक्षा बलों ने ड्रोन रोधी प्रणाली (यूएएस) को एक्टिव कर, संभावित खतरे का प्रभावी जवाब दिया। पुंछ में नियंत्रण रेखा के पास चौकियों के नजदीक ड्रोन की मौजूदगी दर्ज की गई, वहीं रामगढ़ सेक्टर में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास भी ड्रोन देखे गए।
इससे पहले सांबा जिले में ड्रोन के जरिए हथियारों की खेप गिराने की कोशिश की गई थी। बरामद किए गए सामान में दो पिस्तौल, तीन मैगजीन, 16 कारतूस और एक ग्रेनेड शामिल था। राजौरी जिले में भी एलओसी पार से भारतीय क्षेत्र में प्रवेश करने वाले कई संदिग्ध ड्रोन को सेना ने रोकने की कार्रवाई की थी।
गणतंत्र दिवस और आर्मी डे से पहले इस तरह की हरकतों ने सुरक्षा अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी है। सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने भी इस मामले पर चिंता जताई और डीजीएमओ के माध्यम से त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
सुरक्षा बलों को एलओसी पर हाई अलर्ट पर रखा गया है और ड्रोन रोधी प्रणालियों को पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है। इस घटनाक्रम ने यह सवाल भी खड़ा कर दिया है कि पाकिस्तान की मंशा आखिर क्या है और वह किन परिस्थितियों में सीमा पर अपनी हरकतें बढ़ाने की योजना बना रहा है।