
नई दिल्ली, 17 जनवरी 2026: श्रीलंका में विनाशकारी तूफान दित्वाह के बाद भारत ने ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ के तहत राहत कार्यों में अपनी सक्रियता दिखाई है। भारतीय सेना ने जाफना, कैंडी और सेंट्रल प्रोविंस में तीन महत्वपूर्ण बेली ब्रिज सफलतापूर्वक बना दिए हैं। इनमें से तीसरा ब्रिज कैंडी और नुवारा एलिया जिलों को जोड़ता है, जो तूफान के कारण एक महीने से बंद था। इससे आवाजाही, आपूर्ति और आपात सेवाओं की बहाली संभव हुई है।
भारतीय सेना की इंजीनियर टास्क फोर्स बी-492 लगातार सड़क और पुलों की मरम्मत में जुटी हुई थी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए सेना ने बताया कि पहले दो बेली ब्रिज जाफना और कैंडी में सफलतापूर्वक बनाए जा चुके हैं। अब तीसरा ब्रिज 120 फीट लंबा है और सेंट्रल प्रोविंस के बी-492 हाईवे पर केएम 15 के पास तैयार किया गया।
यह पुल खास महत्व रखता है क्योंकि यह कैंडी और नुवारा एलिया जिलों को जोड़ता है। तूफान के बाद यह मार्ग करीब एक महीने तक बंद था, जिससे लोगों की आवाजाही, जरूरी सामान की आपूर्ति और आपात सेवाओं में बाधा आई थी। नए पुल के बनने से अब यह इलाका मुख्य मार्ग से फिर से जुड़ गया है और स्थानीय लोगों की जिंदगी धीरे-धीरे सामान्य होने लगी है।
श्रीलंका में आए भीषण तूफान दित्वाह ने तेज बारिश, भूस्खलन और बाढ़ के कारण जनजीवन और संचार व्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित किया था। कई इलाके कट गए और लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
भारत सरकार ने राहत और बचाव कार्यों के लिए ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ शुरू किया। इस ऑपरेशन के तहत भारतीय सेना, नौसेना और अन्य एजेंसियों ने मिलकर राहत सामग्री पहुंचाने, लोगों को सुरक्षित निकालने और जरूरी ढांचे को पुनः स्थापित करने का कार्य किया। इस आपदा में भारत ने एक भरोसेमंद पड़ोसी के रूप में श्रीलंका की मदद के लिए अपनी पूरी क्षमता लगाई।