Friday, January 16

हार्ट अटैक और स्ट्रोक: सिर्फ बुढ़ापे या अमीरी की समस्या नहीं, अब जवान भी खतरे में

हार्ट अटैक और स्ट्रोक दोनों ही गंभीर और जानलेवा बीमारियां हैं। पहले यह आम धारणा थी कि ये बीमारियां केवल बुजुर्ग या अमीर लोगों को होती हैं, लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है। आजकल युवाओं और यहां तक कि बच्चों में भी हार्ट अटैक और स्ट्रोक के मामले सामने आ रहे हैं।

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भारत में हर साल 1.5 करोड़ से अधिक लोग दिल की बीमारियों की वजह से अपनी जान खो देते हैं। 30 या 40 की उम्र के बाद हार्ट अटैक के मामले तेजी से बढ़ते हैं। इसके बावजूद लोगों में इन बीमारियों के प्रति जागरूकता बहुत कम है।

हार्ट अटैक और स्ट्रोक के मुख्य कारण

हार्ट डिजीज और स्ट्रोक का खतरा बढ़ाने वाले प्रमुख कारक हैं:

  • हाई ब्लड प्रेशर (BP)
  • हाई कोलेस्ट्रॉल
  • डायबिटीज या हाई ब्लड शुगर
  • तंबाकू का सेवन और स्मोकिंग
  • मोटापा और अस्वास्थ्यकर जीवनशैली

एक स्टडी “Very High Prevalence of Nonoptimally Controlled Traditional Risk Factors at the Onset of Cardiovascular Disease” में लाखों कोरियाई और 7 हजार अमेरिकी लोगों पर शोध किया गया। इसमें पाया गया कि जिन लोगों को बाद में हार्ट अटैक, स्ट्रोक या हार्ट फेलियर हुआ, उनमें 99 प्रतिशत के शरीर में पहले से कोई न कोई प्रमुख समस्या मौजूद थी।

4 प्रमुख स्वास्थ्य समस्याएं जो हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ाती हैं:

  1. हाई ब्लड प्रेशर – 120/80 mmHg या उससे अधिक
  2. हाई कोलेस्ट्रॉल – 200 mg/dL या उससे अधिक या कोलेस्ट्रॉल की दवा लेना
  3. हाई ब्लड शुगर – प्री-डायबिटीज, डायबिटीज या इसकी दवा लेना
  4. स्मोकिंग – लगातार या पहले तंबाकू सेवन

इनका शरीर पर प्रभाव

  • हाई ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल: हाई कोलेस्ट्रॉल धमनियों में प्लाक जमा कर सकता है, जिससे खून का प्रवाह बाधित होता है और हार्ट अटैक या स्ट्रोक का खतरा बढ़ता है। हाई ब्लड प्रेशर नसों की दीवार को नुकसान पहुंचाता है, जिससे ब्लॉकेज और फटने का खतरा बढ़ जाता है।
  • तंबाकू और स्मोकिंग: इससे खून में हानिकारक रसायन पहुँचते हैं, जो दिल और दिमाग की नसों को नुकसान पहुंचाकर ब्लड क्लॉट और प्लाक के जोखिम को बढ़ाते हैं।
  • हाई ब्लड शुगर: यह धमनियों को नुकसान पहुंचाकर प्लाक और ब्लॉकेज का खतरा बढ़ाता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, इन बीमारियों की शुरुआती पहचान और सही जीवनशैली अपनाना बेहद जरूरी है। नियमित जांच, संतुलित आहार, व्यायाम और धूम्रपान से दूर रहना दिल और दिमाग की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम हैं।

नोट: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी तरह की दवा या इलाज का विकल्प नहीं है। स्वास्थ्य संबंधित उचित सलाह के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

 

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