
स्मार्टफोन खरीदने वाले तैयार रहें, क्योंकि इस साल जेब ढीली करनी पड़ सकती है। नथिंग (Nothing) के CEO कार्ल पेई ने हाल ही में बताया कि 2026 में स्मार्टफोन की कीमतों में तेज बढ़ोतरी होगी।
कार्ल पेई के अनुसार, स्मार्टफोन इंडस्ट्री एक ऐसे दौर से गुजर रही है, जिसका सामना उसने पिछले 10 साल में पहली बार किया है। लंबे समय तक फोन निर्माता कंपोनेंट्स जैसे मेमोरी (RAM) और डिस्प्ले की गिरती कीमतों पर निर्भर रहते थे। इसी वजह से हर साल बेहतर स्पेसिफिकेशन्स वाले फोन लगभग उसी कीमत पर उपलब्ध होते थे।
AI बढ़ा रहा है दबाव
अब स्थिति बदल गई है। AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) की बढ़ती मांग ने मेमोरी चिप्स की कीमतें आसमान पर पहुंचा दी हैं। स्मार्टफोन में इस्तेमाल होने वाली मेमोरी चिप्स अब AI डेटा सेंटरों के लिए भी बेहद जरूरी हो गई हैं। बड़ी टेक कंपनियां AI की मांग पूरी करने के लिए सालों पहले से ही सिलिकॉन वेफर्स बुक कर रही हैं। पहली बार स्मार्टफोन सीधे AI इंफ्रास्ट्रक्चर से मुकाबला कर रहे हैं।
मेमोरी चिप सबसे महंगा हिस्सा
कंपोनेंट्स की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं। कुछ मामलों में मेमोरी चिप की कीमत तीन गुना तक बढ़ चुकी है और अनुमान है कि साल के अंत तक यह फोन की कुल लागत का सबसे बड़ा हिस्सा बन सकती है। उदाहरण के लिए, जो मेमोरी मॉड्यूल पहले 20 डॉलर (लगभग 1,800 रुपये) में मिलते थे, वे टॉप-टियर मॉडल्स के लिए 100 डॉलर (लगभग 9,000 रुपये) से अधिक हो सकते हैं।
दो ही रास्ते हैं
कार्ल पेई ने बताया कि फोन निर्माता अब सिर्फ दो विकल्पों के बीच फंसे हैं:
- कीमत बढ़ाएं, जो 30% या उससे अधिक तक हो सकती है।
- स्पेसिफिकेशन्स कम करें।
स्पेसिफिकेशन्स की रेस खत्म
कार्ल पेई ने यह भी कहा कि नथिंग अपने स्मार्टफोन पोर्टफोलियो की कीमतों में भी बढ़ोतरी करेगी। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि अब “स्पेक्स की रेस” खत्म हो रही है और यूजर एक्सपीरियंस ही असली पहचान बनेगा।
NBT की राय:
स्मार्टफोन उपयोगकर्ता तैयार रहें कि 2026 में फोन खरीदना महंगा हो जाएगा। अब सिर्फ हार्डवेयर स्पेसिफिकेशन्स ही नहीं, बल्कि बेहतर यूजर एक्सपीरियंस की अहमियत बढ़ जाएगी।