उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के सरधना थाना क्षेत्र के कपसाढ़ गांव से जुड़े बहुचर्चित अपहरण एवं हत्याकांड की पीड़िता रूबी की तबीयत बुधवार देर शाम अचानक बिगड़ गई। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंची डॉक्टरों की टीम ने रूबी की जांच की, जिसके बाद राहत की खबर सामने आई।
जानकारी के अनुसार, घर लौटने के कुछ ही दिनों बाद रूबी को अचानक कमजोरी महसूस हुई। उसका ब्लड प्रेशर काफी गिर गया, साथ ही शरीर और पेट में तेज दर्द की शिकायत सामने आई। गांव में तैनात पुलिसकर्मियों ने तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरधना को सूचना दी। इसके बाद डॉक्टरों की टीम गांव पहुंची और रूबी का मौके पर ही चिकित्सकीय परीक्षण किया गया।
डॉक्टरों की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि रूबी की तबीयत बिगड़ने की मुख्य वजह गैस और एसिडिटी है। चिकित्सकों का कहना है कि अपहरण की भयावह घटना, मां की नृशंस हत्या और लंबे समय तक चले मानसिक तनाव के कारण उसकी सेहत पर असर पड़ा है। आवश्यक दवाइयां देने के बाद रूबी की हालत में सुधार दर्ज किया गया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. अशोक कटारिया ने बताया कि रूबी को किसी भी गंभीर बीमारी के लक्षण नहीं हैं। गैस और एसिडिटी के कारण उसे परेशानी हुई थी। फिलहाल उसकी स्थिति सामान्य है और वह घर पर ही डॉक्टरों की निगरानी में आराम कर रही है। परिजनों को घबराने की जरूरत नहीं है।
गौरतलब है कि 8 जनवरी को कपसाढ़ गांव निवासी रूबी अपनी मां सुनीता के साथ खेत पर गन्ने की छिलाई करने जा रही थी। इसी दौरान गांव के बाहर रजबहे पर आरोपी पारस सोम ने रूबी का अपहरण कर लिया था। मां सुनीता ने जब इसका विरोध किया, तो आरोपी ने फरसे से सिर पर वार कर उनकी बेरहमी से हत्या कर दी थी। यह मामला पीड़ित परिवार के अनुसूचित जाति से होने के कारण प्रदेश की राजनीति में भी काफी संवेदनशील बन गया था।
पुलिस ने वारदात के तीसरे दिन 10 जनवरी को रूबी को रुड़की रेलवे स्टेशन से सकुशल बरामद कर लिया था और आरोपी पारस सोम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। कोर्ट में बयान दर्ज होने के बाद सोमवार को रूबी को औपचारिक रूप से परिजनों के सुपुर्द किया गया था।