Wednesday, January 14

बकरी चराने वाला सट्टा किंग: पिता से सीखी पर्ची काटने की कला, 10 करोड़ का साम्राज्य खड़ा किया

 

This slideshow requires JavaScript.

 

अशोकनगर: गरीब परिवार से आने वाले आज़ाद खान ने बकरी चराने से शुरू किया सफर और मध्य प्रदेश के बड़े ‘सट्टा किंग’ के रूप में 23 साल में करोड़ों का साम्राज्य खड़ा कर दिया। अपने पिता अलीम खान से सट्टे की पर्ची काटना सीखने वाले आज़ाद ने IPL के दौरान ऑनलाइन सट्टे का सहारा लेकर संपत्ति, फार्महाउस और होटल तक बनवाए।

 

कौन है आज़ाद खान?

 

आज़ाद खान का जन्म अशोकनगर के गरीब परिवार में हुआ। पिता टेलरिंग करते और सट्टे की पर्ची काटते थे। बचपन में बकरियों को चराने के दौरान आज़ाद ने पिता को पर्ची काटते देखा और कम उम्र में इस कला को सीख लिया। पिता की गैरमौजूदगी में उसने यह काम संभाला और अपराध की दुनिया में कदम रखा।

 

पहले ऑफलाइन, फिर ऑनलाइन सट्टा

 

2003 तक आज़ाद ऑफलाइन सट्टा ही खिलाता था। IPL के दौरान ऑनलाइन सट्टे से परिचित होकर उसने खुद ऑनलाइन सट्टे की शुरुआत की। उसने VTX991 आईडी बनाई और लोगों को मोटे मुनाफे का लालच देकर काम शुरू किया। धीरे-धीरे अशोकनगर, गुना और पूरे प्रदेश में अपना नेटवर्क फैलाया।

 

रियल एस्टेट और होटल व्यवसाय

 

सट्टे से कमाए पैसों को आज़ाद ने रियल एस्टेट में लगाया। अशोकनगर में ‘आज़ाद पैलेस’ नामक होटल और एक आलीशान फार्महाउस बनवाया, जहां बड़ी पार्टियां आयोजित होती थीं।

 

राजनीति में भी पैर

 

पावर और पैसों के लिए उसने अपने भाई राशिद खान को राजनीति में उतारा। वर्तमान में राशिद खान अशोकनगर के पार्षद हैं। आज़ाद ने कई राजनेताओं से संबंध बनाए और चुनावों में फंडिंग कर संरक्षण का लाभ उठाया।

 

मुश्किलें और गिरफ्तारी

 

पिछले साल गुना में IPL सट्टे को लेकर FIR हुई और आज़ाद को आरोपी बनाया गया। कोर्ट से अग्रिम जमानत न मिलने के बाद हाई कोर्ट से पांच दिन पहले जमानत मिली। प्रशासन ने उसके अवैध ठिकानों पर लगातार कार्रवाई की, आर्म्स लाइसेंस निरस्त किया और हथियार थाने में सरेंडर करने के निर्देश दिए।

 

जांच में खुलीं परतें

 

जांच में पता चला कि आज़ाद का सट्टा अंतरराष्ट्रीय नंबर के माध्यम से भी ऑपरेट होता था। गुना में पकड़े गए एजाज खान उसके लिए काम करते थे। इसके अलावा, 2025 में दो सराफा व्यापारी भाइयों की आत्महत्या मामले में भी आज़ाद और उसके भाई का नाम सामने आया।

 

प्रशासन की कार्रवाई

 

कुछ दिन पहले ही मुख्य मार्केट में स्थित उसके होटल के अवैध हिस्से पर बुलडोजर चला दिया गया। राजस्व विभाग, नगर पालिका और पुलिस के अमले ने संयुक्त कार्रवाई की।

 

आज़ाद खान की कहानी गरीबी से लेकर करोड़ों की संपत्ति तक का संघर्ष और विवादों से भरी राह है, जिसने अशोकनगर में उसकी पहचान ‘सट्टा किंग’ के रूप में कर दी।

 

Leave a Reply