Wednesday, January 14

इंडिया ओपन की व्यवस्था पर विदेशी खिलाड़ियों की नाराजगी, डेनमार्क की मिया ब्लिचफेल्ट ने उठाए गंभीर सवाल

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में आयोजित इंडिया ओपन सुपर 750 बैडमिंटन टूर्नामेंट की व्यवस्थाओं को लेकर विदेशी खिलाड़ियों की नाराजगी खुलकर सामने आई है। डेनमार्क की स्टार खिलाड़ी मिया ब्लिचफेल्ट ने आयोजन स्थल की साफ-सफाई और ठंडे माहौल को लेकर कड़ी आलोचना करते हुए इसे खिलाड़ियों की सेहत के लिए अस्वास्थ्यकर और गैर-पेशेवर बताया है।

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दूसरे दौर में पहुंची ब्लिचफेल्ट ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि नए आयोजन स्थल पर हालात बेहतर होंगे, लेकिन स्थिति अब भी चिंताजनक बनी हुई है। उन्होंने कहा, हॉल बहुत गंदा है और यह खिलाड़ियों की सेहत के लिए अच्छा नहीं है। यहां हर कोई दो पैंट, जैकेट, दस्ताने और टोपी पहनकर अभ्यास कर रहा है। सुधार की कोशिशें जरूर हो रही हैं, लेकिन अभी लंबा रास्ता तय करना बाकी है।”

गौरतलब है कि भारतीय बैडमिंटन संघ (बीएआई) ने अगस्त में होने वाली विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप को ध्यान में रखते हुए इस बार इंडिया ओपन का आयोजन केडी जाधव हॉल की बजाय इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में किया है। भारत 17 साल बाद विश्व चैंपियनशिप की मेजबानी करने जा रहा है।

ब्लिचफेल्ट ने यह भी याद दिलाया कि जनवरी में जब टूर्नामेंट केडी जाधव हॉल में खेला गया था, तब भी उन्होंने हालात को अस्वीकार्य बताया था। उन्होंने कहा, हालात में कोई खास बदलाव नहीं आया है। कल अभ्यास के दौरान कोर्ट पर चिड़िया उड़ती हुई आई और वहां बीट कर गई। यह सामान्य नहीं है और सेहत के लिए ठीक नहीं।” उन्होंने विश्व बैडमिंटन महासंघ (BWF) से हालात में सुधार के लिए हस्तक्षेप करने की मांग की।

हालांकि, उन्होंने खेल परिसर की भव्यता की तारीफ भी की। ब्लिचफेल्ट ने कहा, परिसर बहुत बड़ा और अच्छा है। कोर्ट से मैं खुश हूं, लेकिन अस्वास्थ्यकर हालात से बिल्कुल नहीं।”

अन्य विदेशी खिलाड़ियों ने भी ठंड को लेकर चिंता जताई। कनाडा की मिचेले ली ने कहा कि कड़ाके की ठंड में अभ्यास करना बेहद मुश्किल हो रहा है। वहीं, पूर्व विश्व चैंपियन थाईलैंड की रेचानोक इंतानोन ने कोर्ट के पास हीटर्स की मांग करते हुए कहा कि इतनी ठंड में मैच के लिए खुद को तैयार करना कठिन है।

विदेशी खिलाड़ियों की इन शिकायतों ने आयोजकों और संबंधित संस्थाओं के सामने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, खासकर तब, जब भारत को इसी साल विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप की मेजबानी करनी है।

 

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