Tuesday, January 13

Explainer: चीन को काउंटर करने में भारत शामिल होगा अमेरिकी महागठबंधन ‘पैक्स सिलिका’ में

 

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अमेरिका के नेतृत्व वाले रणनीतिक पहल पैक्स सिलिका में अब भारत को शामिल करने का फैसला किया गया है। दिसंबर 2025 में इस पहल का गठन हुआ था, लेकिन उस समय भारत को संस्थापक सदस्य के तौर पर शामिल नहीं किया गया था। अब अगले महीने भारत को इसका सदस्य बनने का आधिकारिक न्योता भेजा जाएगा।

 

भारत में अमेरिकी राजदूत सर्गियो गोर ने सोमवार को कहा कि,

 

भारत को अमेरिका के नेतृत्व वाली इस पहल में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया जाएगा, जिसमें मैन्युफैक्चरिंग और जरूरी मिनरल्स शामिल हैं।”

 

राजदूत गोर ने यह भी कहा कि सच्चे दोस्त असहमत हो सकते हैं, लेकिन मतभेद सुलझा सकते हैं। उनके अनुसार, भारत और अमेरिका कई अहम मुद्दों पर साथ हैं, भले ही व्यापार और टैरिफ पर विवाद बना हुआ हो।

 

 

पैक्स सिलिका क्या है?

 

पैक्स सिलिका एक रणनीतिक वैश्विक पहल है, जिसका उद्देश्य है सुरक्षित, समृद्ध और भरोसेमंद सिलिकॉन सप्लाई चेन तैयार करना। इसमें आवश्यक मिनरल्स, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर, AI इंफ्रास्ट्रक्चर और लॉजिस्टिक्स शामिल हैं।

 

अमेरिका इस पहल के माध्यम से चीन पर निर्भरता कम करना और अपने भरोसेमंद पार्टनर्स के साथ गहरा सहयोग स्थापित करना चाहता है। अंडर सेक्रेटरी ऑफ स्टेट जैकब हेलबर्ग ने कहा कि भारत की एंट्री भरोसेमंद और सुरक्षित सप्लाई चेन की दिशा में बड़ा कदम है और यह अमेरिका-भारत साझेदारी के लिए ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित हो सकता है।

 

 

विशेषज्ञ क्या कहते हैं?

 

पूर्व यूएस इंडिया पॉलिटिकल एक्शन कमेटी डायरेक्टर रोबिंदर सचदेव ने कहा कि पैक्स सिलिका चिप बनाने की नई टेक्नोलॉजी, मशीन, मैन्युफैक्चरिंग और रिसर्च के मामले में भारत को फायदा पहुँचा सकता है।

 

JNU की प्रोफेसर अंशु जोशी ने कहा कि भारत के लिए यह न्योता आर्थिक मजबूती, जरूरी मिनरल्स और टेक्नोलॉजी सहयोग के लिहाज से महत्वपूर्ण है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत को यह सुनिश्चित करना होगा कि राष्ट्रीय हित सुरक्षित रहें और अमेरिका से ट्रंप के भारत विरोधी कदमों को वापस लेने की कोशिश करनी चाहिए।

 

IIPA के डॉ. मनन द्विवेदी ने बताया कि भारत को संस्थापक सदस्य न बनाने का कारण था कि यह चुनाव सेमीकंडक्टर और AI सप्लाई चेन में मौजूदा भूमिकाओं पर आधारित था, न कि राजनीतिक समूह पर।

 

 

क्यों महत्वपूर्ण है भारत के लिए?

 

पैक्स सिलिका भारत को वैश्विक AI और टेक सप्लाई चेन में एक मजबूत भूमिका देने के साथ-साथ चीन की बढ़ती पकड़ को चुनौती देने में मदद करेगा। यह गठबंधन आर्थिक, रणनीतिक और तकनीकी क्षेत्रों में भारत के लिए बड़े अवसर खोल सकता है।

 

अमेरिकी राजदूत गोर ने कहा कि,

 

“जैसे-जैसे दुनिया नई टेक्नोलॉजी अपना रही है, भारत और अमेरिका को इस पहल की शुरुआत से ही मिलकर काम करना चाहिए। यह इस सदी की सबसे महत्वपूर्ण ग्लोबल पार्टनरशिप बन सकती है।”

 

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