
अमृतसर: पंजाब के अमृतसर जिले में आम आदमी पार्टी (AAP) से जुड़े गांव वल्टोहा के सरपंच जरमैल सिंह की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। वरिष्ठ अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि इस सनसनीखेज हत्याकांड में दो शूटरों समेत कुल सात आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए हैं, जबकि मुख्य साजिशकर्ता अब भी फरार है।
पंजाब पुलिस के महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी दी कि यह हत्या 4 जनवरी को अमृतसर में एक शादी समारोह के दौरान हुई थी। जांच में सामने आया कि विदेश में बैठे गैंगस्टर प्रभदीप सिंह उर्फ प्रभा दासूवाल इस हत्या का मास्टरमाइंड था। घटना के बाद उसने कथित तौर पर जिम्मेदारी भी ली थी।
डीजीपी ने बताया कि दासूवाल और मृतक सरपंच के बीच पुरानी रंजिश इस हत्या की मुख्य वजह बनी। गिरफ्तार दो शूटरों की पहचान सुखराज सिंह उर्फ गुंगा और करमजीत सिंह के रूप में हुई है। इन्हें छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी अंतरराज्यीय समन्वय, खुफिया जानकारी और केंद्रीय एजेंसियों के सहयोग से संभव हो सकी। शूटर अपनी पहचान छुपाने के लिए फर्जी आधार कार्ड का उपयोग कर रहे थे और महाराष्ट्र, दिल्ली, बिहार, पंजाब व छत्तीसगढ़ में लगातार ठिकाना बदलते रहे।
पुलिस ने बताया कि बाकी पाँच आरोपी साजिश में लॉजिस्टिक सपोर्ट देने वाले थे। उन्होंने शूटरों को हथियार, मोटरसाइकिल और ठिकाने उपलब्ध कराए। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि सभी आरोपी एक-दूसरे को नहीं जानते थे और केवल प्रभा दासूवाल के निर्देश पर काम कर रहे थे।
डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि हत्या के कुछ ही दिनों में मामले का खुलासा पंजाब में संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता है। उन्होंने चेतावनी दी कि राज्य में अपराध करने वाले कहीं भी छिप नहीं पाएंगे। इससे पहले 6 जनवरी को तरनतारन जिले में पुलिस मुठभेड़ में एक व्यक्ति मारा गया था, जो इस हत्याकांड से जुड़ा हुआ था।