Wednesday, March 4

केएल राहुल का नंबर 6 पर उतरना क्यों है टीम इंडिया की मास्टरस्ट्रोक? इरफान पठान ने खोला गौतम गंभीर की रणनीति का राज

वडोदरा। भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेले गए पहले वनडे में टीम इंडिया ने रोमांचक जीत दर्ज कर सीरीज का आगाज किया। इस मुकाबले में जहां विराट कोहली और शुभमन गिल की पारियों ने मजबूत आधार तैयार किया, वहीं मैच को अंजाम तक पहुंचाने का जिम्मा निभाया केएल राहुल ने। हालांकि राहुल का नंबर 6 पर बल्लेबाजी करना चर्चा का विषय बना हुआ है, लेकिन पूर्व भारतीय ऑलराउंडर इरफान पठान ने इस फैसले को पूरी तरह तार्किक और रणनीतिक बताया है।

This slideshow requires JavaScript.

न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत के सामने लगभग 300 रनों का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा। जवाब में भारतीय पारी अच्छी शुरुआत के बावजूद अंतिम ओवरों में दबाव में नजर आई। ऐसे समय में केएल राहुल नंबर 6 पर बल्लेबाजी करने उतरे और बेहद संयमित, तकनीकी रूप से सशक्त पारी खेलते हुए टीम को जीत की दहलीज के पार पहुंचाया।

पूर्व ऑलराउंडर इरफान पठान ने अपने यूट्यूब चैनल पर राहुल के बल्लेबाजी क्रम का बचाव करते हुए कहा कि आधुनिक वनडे क्रिकेट के नियम और परिस्थितियां इस फैसले को सही ठहराती हैं। इरफान के मुताबिक, “34वें ओवर के बाद गेंद या तो रिवर्स स्विंग करने लगती है या फिर पिच पर धीमी हो जाती है। ऐसे में नीचे के क्रम में एक ऐसा बल्लेबाज होना जरूरी है, जो तकनीकी रूप से मजबूत हो और दबाव में सही फैसले ले सके। केएल राहुल इस भूमिका के लिए बिल्कुल फिट बैठते हैं।”

इरफान ने यह भी बताया कि जहां अन्य बल्लेबाज इस चरण में संघर्ष करते दिखे, वहीं राहुल पूरी तरह नियंत्रण में नजर आए। उन्होंने न सिर्फ स्ट्राइक को बेहतरीन ढंग से रोटेट किया, बल्कि सही मौके का इंतजार करते हुए 49वें ओवर में आक्रामक रुख अपनाया और दो चौके व एक छक्का जड़कर मैच का अंत शानदार अंदाज में किया।

इस मुकाबले में श्रेयस अय्यर और शुभमन गिल की वापसी भी टीम इंडिया के लिए सकारात्मक संकेत रही। चोट से उबरकर लौटे अय्यर ने नंबर 4 पर अपनी उपयोगिता साबित की, खासतौर पर स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ उनके बड़े शॉट खेलने की क्षमता ने चयनकर्ताओं का भरोसा मजबूत किया। वहीं, लंबे समय से फॉर्म से जूझ रहे शुभमन गिल का लय में लौटना भी भारतीय बल्लेबाजी के लिए राहत भरी खबर है।

कुल मिलाकर, केएल राहुल का नंबर 6 पर उतरना केवल एक प्रयोग नहीं, बल्कि बदलते वनडे क्रिकेट के हिसाब से तैयार की गई एक सोची-समझी रणनीति है, जिसे गौतम गंभीर की टीम मैनेजमेंट ने बखूबी अंजाम दिया है।

 

Leave a Reply