
मुजफ्फरपुर/नई दिल्ली, 12 जनवरी 2026 (अमन कुमार) – कहते हैं कि अगर इरादे मजबूत हों और लक्ष्य स्पष्ट हो, तो कोई भी मंज़िल दूर नहीं रहती। बिहार के मुजफ्फरपुर निवासी सईम रजा ने इस कहावत को सच कर दिखाया है। लाखों रुपये की सैलरी वाली निजी नौकरी छोड़कर उन्होंने देश की सबसे कठिन परीक्षा मानी जाने वाली यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा पास की और भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में चयनित हुए।
सईम रजा ने वर्ष 2023 में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में जनरल कैटेगरी से ऑल इंडिया रैंक 188 हासिल की। उनकी इस उपलब्धि ने न सिर्फ उनके परिवार, बल्कि पूरे बिहार का नाम रोशन किया है।
परिवार से मिला मजबूत सहारा
सईम रजा के पिता मुनावर रजा भारतीय स्टेट बैंक (SBI) से सेवानिवृत्त अधिकारी हैं, जबकि उनकी मां गृहिणी हैं। सईम की सफलता के पीछे माता-पिता का अटूट विश्वास और समर्थन अहम रहा। जब उन्होंने लाखों की नौकरी छोड़ सिविल सेवा की तैयारी का निर्णय लिया, तब परिवार ने बिना किसी हिचक के उनका साथ दिया।
इंजीनियरिंग से डेटा साइंटिस्ट तक
सईम की प्रारंभिक शिक्षा मुजफ्फरपुर में हुई। इसके बाद उन्होंने बेंगलुरु से बीटेक किया। पढ़ाई पूरी होते ही उन्हें एक नामी टेक कंपनी में डेटा साइंटिस्ट के पद पर नौकरी मिल गई, जहां उनका सालाना पैकेज करीब 12 लाख रुपये था। करीब पांच वर्षों तक उन्होंने कॉरपोरेट सेक्टर में काम किया।
कोविड काल में बदली जिंदगी की दिशा
कोरोना महामारी के दौरान सईम वर्क फ्रॉम होम करते हुए अपने माता-पिता के पास लौट आए। इसी दौरान उनके मन में यह विचार गहराने लगा कि वे केवल नौकरी तक सीमित न रहकर समाज के लिए कुछ बड़ा करना चाहते हैं। आर्थिक रूप से सुरक्षित होने के बावजूद उन्हें आत्मसंतोष नहीं मिल रहा था। यहीं से सिविल सेवा का सपना एक संकल्प में बदल गया।
बिना कोचिंग की UPSC तैयारी
सईम ने अपने पिता को यूपीएससी की तैयारी के फैसले से अवगत कराया। पिता ने बेटे के निर्णय को सराहा और पूरा सहयोग दिया। इसके बाद सईम ने नौकरी छोड़कर बिना किसी कोचिंग के घर पर रहकर यूपीएससी की तैयारी शुरू की। करीब तीन वर्षों तक उन्होंने अनुशासन, आत्मविश्वास और निरंतर मेहनत के साथ अध्ययन किया।
188वीं रैंक के साथ बने IPS
कड़ी मेहनत और परिवार के सहयोग का परिणाम वर्ष 2023 में सामने आया, जब सईम रजा ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में 188वीं रैंक हासिल कर आईपीएस अधिकारी बनने का सपना पूरा किया। उन्हें अपने गृह राज्य बिहार कैडर मिला। आज आईपीएस सईम रजा युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बन चुके हैं और लगातार छात्रों को लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने का संदेश देते हैं।