Monday, January 12

Dog Bite: भागते रहो! अपराधियों से ज्यादा आवारा कुत्तों का खौफ, हर महीने डेढ़ से दो हजार शिकार

 

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सीतामढ़ी (बिहार): बिहार के सीतामढ़ी जिले में अपराधियों से अधिक आवारा कुत्तों का आतंक लोगों के लिए गंभीर चिंता का कारण बन गया है। जिले में हर महीने करीब 1,500 और साल भर में लगभग 14,000 लोग कुत्तों के काटने (Dog Bite) का शिकार हो रहे हैं। पिछले चार वर्षों में यह आंकड़ा 55,000 से अधिक पहुंच गया है।

 

अपराधियों से ज्यादा कुत्तों का डर

स्थानीय लोगों का कहना है कि अब उन्हें अपराधियों से कम, आवारा कुत्तों से अधिक डर लगने लगा है। सदर अस्पताल और अन्य पीएचसी/सीएचसी में हर दिन औसतन 6-7 लोग कुत्तों के काटने से इलाज के लिए आते हैं। दिसंबर 2025 में ही सदर अस्पताल में 1,810 मरीजों ने इलाज कराया। इसके अलावा, कुछ लोग बॉर्डर इलाकों में नेपाल तक इलाज के लिए जाते हैं, जबकि अन्य खुद दवा लेकर जख्म का इलाज करते हैं।

 

पिछले पांच माह के आंकड़े:

 

जुलाई 2025 – 1,373

अगस्त 2025 – 1,194

सितंबर 2025 – 1,099

अक्टूबर 2025 – 1,220

नवंबर 2025 – 1,383

दिसंबर 2025 – 1,810

 

इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि जिले में हर महीने औसतन डेढ़ हजार लोग आवारा कुत्तों का शिकार बन रहे हैं।

 

नगर निगम प्रशासन की सुस्ती पर सवाल

आवारा कुत्तों के बढ़ते आतंक के बावजूद नगर निगम प्रशासन अभी तक निर्णायक कदम नहीं उठा पाया है। उप नगर आयुक्त कुलदीप सिन्हा और सिटी मैनेजर अमरजीत कुमार ने बताया कि सरकार ने डॉग कैचर व्हीकल खरीदने और अन्य उपकरणों की व्यवस्था के निर्देश दिए हैं। हालांकि, यह योजना अभी भी फाइलों में ही सीमित है, और वास्तविक कार्यवाही नहीं हो पाई है।

 

निवारक उपायों की आवश्यकता

विशेषज्ञों का कहना है कि आवारा कुत्तों की नसबंदी और शेल्टर हाउस जैसी सुविधाओं का निर्माण तत्काल होना चाहिए। इसके बिना शहरवासियों को सुरक्षित महसूस करना मुश्किल है।

 

निष्कर्षतः, सीतामढ़ी में आवारा कुत्तों का आतंक एक सार्वजनिक स्वास्थ्य और सुरक्षा संकट बन गया है, और प्रशासन की सुस्ती से जनता खौफ में है।

 

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