
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद को वेनेजुएला का ‘एक्टिंग राष्ट्रपति’ घोषित कर दिया है। इस महीने अमेरिका द्वारा किए गए एक हमले में वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को राजधानी काराकास से गिरफ्तार किया गया था। अब मादुरो के खिलाफ अमेरिका में ड्रग्स तस्करी और अन्य गंभीर आरोपों में मुकदमा चलाया जाएगा।
ट्रंप ने मादुरो को गिरफ्तार करने के बाद कहा था कि अमेरिका अब वेनेजुएला को नियंत्रित करेगा। इसी क्रम में उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक डिजिटल रूप से बदली हुई तस्वीर साझा की, जिसमें उन्होंने खुद को “वेनेजुएला के कार्यवाहक राष्ट्रपति” के रूप में दिखाया। इसके साथ ही उन्होंने विकिपीडिया के ऑफिशियल पेज को भी एडिट किया, जिसमें उनका ऑफिशियल पोर्ट्रेट इस्तेमाल किया गया।
हालांकि, वेनेजुएला की संवैधानिक प्रक्रिया के अनुसार देश की अंतरिम लीडरशिप सुप्रीम ट्रिब्यूनल ऑफ जस्टिस और संवैधानिक उत्तराधिकार प्रक्रिया के तहत स्थापित की गई थी। मादुरो के हटाए जाने के बाद उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज को कार्यवाहक राष्ट्रपति की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। लेकिन ट्रंप ने इसे दरकिनार करते हुए खुद को राष्ट्राध्यक्ष घोषित कर दिया।
अमेरिका ने 3 जनवरी को वेनेजुएला पर सैन्य कार्रवाई की थी और मादुरो को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद ट्रंप ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि इस बदलाव के दौरान अमेरिका वेनेजुएला का संचालन करेगा ताकि देश का तेल उत्पादन और निर्यात सुचारू रूप से चल सके। 4 जनवरी को ट्रंप ने इसे औपचारिक रूप से घोषित किया कि अमेरिका अब वेनेजुएला का “प्रभारी” है।
हालांकि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने संकेत दिए थे कि अमेरिका का वेनेजुएला को सीधे नियंत्रित करने का कोई इरादा नहीं है। लेकिन ट्रंप के हालिया कदम से यह साफ हो गया है कि वे व्यक्तिगत और कारोबारी हितों के चलते इस कदम को लेकर गंभीर हैं।
वेनेजुएला की राजनीतिक परिस्थितियां अब पूरी तरह से अस्थिर हो गई हैं, और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका के इस कदम ने विवाद और बढ़ा दिया है।