Tuesday, June 16

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‘घर से तैयारी करो या शादी… शिवानी ने हर ताने का दिया जवाब, MPPSC में रैंक-11 लाकर बनीं डिप्टी कलेक्टर

 

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कुछ फैसले ज़िंदगी की दिशा बदल देते हैं। मध्य प्रदेश के हरदा जिले के एक छोटे से गांव की बेटी शिवानी की कहानी भी ऐसे ही साहसिक फैसलों की मिसाल है। आर्थिक तंगी, सामाजिक ताने और शादी का दबाव—इन सबके बावजूद शिवानी ने हार नहीं मानी और MPPSC 2024 में रैंक-11 हासिल कर डिप्टी कलेक्टर बनकर न सिर्फ अपना सपना पूरा किया, बल्कि समाज की सोच भी बदल दी।

 

गांव से शुरू हुआ संघर्ष

 

शिवानी मध्य प्रदेश के हरदा जिले के सिराली गांव की रहने वाली हैं। साधारण परिवार में जन्मीं शिवानी के सपने बड़े थे। शुरुआती पढ़ाई उन्होंने गांव के सरकारी स्कूल से की। 12वीं के बाद उच्च शिक्षा के लिए वे भोपाल गईं, जहां से उनके संघर्ष का असली दौर शुरू हुआ।

 

आर्थिक संकट और समाज का दबाव

 

पढ़ाई के साथ-साथ शिवानी का लक्ष्य सिविल सर्विस में जाना था। कोविड-19 के दौरान परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर हुई, जिससे चुनौतियां और बढ़ गईं। उन्होंने दूसरी प्रतियोगी परीक्षाओं की भी तैयारी की, लेकिन लक्ष्य साफ था—सिविल सर्वेंट बनना। इस दौरान समाज की ओर से शादी को लेकर लगातार दबाव बनाया जाता रहा।

 

पहली असफलता, फिर नई शुरुआत

 

शिवानी ने 2023 में MPPSC परीक्षा दी, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। 2024 में प्रीलिम्स क्लियर किया और मेंस की तैयारी के लिए इंदौर चली गईं। मेंस परीक्षा के दौरान वे तेज बुखार से जूझ रही थीं, फिर भी छहों पेपर दिए और हिम्मत नहीं हारी।

 

‘घर से पढ़ाई करो या शादी करो’ की शर्त

 

संघर्ष के इस दौर में परिवार की ओर से शर्त रखी गई—या तो घर से तैयारी करो या शादी कर लो। शिवानी ने हालात से समझौता नहीं किया और अपने लक्ष्य पर डटी रहीं। मेहनत रंग लाई और MPPSC 2024 में रैंक-11 हासिल कर उन्होंने डिप्टी कलेक्टर का पद पाया।

 

सिर्फ नौकरी नहीं, सोच भी बदली

 

शिवानी की सफलता सिर्फ एक परीक्षा पास करने की कहानी नहीं है। डिप्टी कलेक्टर बनकर उन्होंने उन तमाम लड़कियों को उम्मीद दी, जो सामाजिक दबाव और आर्थिक मजबूरियों के कारण अपने सपनों से समझौता कर लेती हैं। उनकी यात्रा बताती है कि हौसला मजबूत हो तो हालात भी रास्ता दे देते हैं।

 

शिवानी की यह प्रेरक कहानी सोशल मीडिया पर भी खूब सराही जा रही है और युवाओं, खासकर बेटियों के लिए एक मिसाल बन चुकी है।

 

(फोटो क्रेडिट: IG/deputy_collector_shivani)

 

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