Friday, May 22

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भारत में छुट्टी मनाने गए H-1B वर्कर की छंटनी, अमेरिका जाने का विकल्प अब भी संभव?

 

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अमेरिका में H-1B वीजा पर काम करने वाले भारतीय पेशेवरों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। कई वर्कर्स छुट्टियां मनाने भारत आते हैं और उसी दौरान उन्हें नौकरी से निकाला जा रहा है। ऐसा ही मामला हाल ही में सामने आया है।

 

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट पर एक भारतीय वर्कर ने बताया कि वह भारत आया हुआ था और इसी दौरान उसकी अमेरिकी कंपनी ने उसे नौकरी से निकाल दिया। वर्कर ने बताया कि उसका ग्रीन कार्ड के लिए भरा गया I-140 फॉर्म भी अप्रूव हो चुका है। अब वह जानना चाहता है कि क्या वह अमेरिका वापस जा सकता है।

 

वर्कर ने अपनी पोस्ट में लिखा, “मुझे हाल ही में पता चला कि मेरी कंपनी ने मुझे जॉब से निकाल दिया है। मैं वर्तमान में H-1B वीजा पर हूं और मेरा I-140 अप्रूव है। मैं यह जानना चाहता हूँ कि क्या मैं कुछ ही दिनों में अमेरिका यात्रा कर सकता हूँ। मैंने सुना है कि H-1B वीजा रद्द होने में एक-दो दिन लग सकते हैं, लेकिन इसमें कितनी सच्चाई है, मुझे पता नहीं है।”

 

क्या H-1B वर्कर अमेरिका जा सकता है?

H-1B वीजा मुख्य रूप से कंपनी में काम करने के लिए दिया जाता है। अगर नौकरी छूट चुकी है और वर्कर अमेरिका जाता है, तो CBP (कस्टम एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन) अधिकारी उससे हाल की पे स्लिप या कंपनी के दस्तावेज मांग सकते हैं। यदि वह ये प्रस्तुत नहीं कर पाता है, तो उसका स्टेटस अवैध माना जाएगा।

 

कुछ वर्कर्स का मानना है कि नौकरी जाने के बाद 60 दिनों का ग्रेस पीरियड भी लागू होता है। हालांकि, फेडरल कानून (8 CFR 214.1(l)(2)) के अनुसार, यह ग्रेस पीरियड केवल उन वर्कर्स पर लागू होता है, जो अमेरिका में मौजूद हैं। अगर कोई व्यक्ति अमेरिका से बाहर है और उसकी नौकरी चली जाती है, तो यह नियम उस पर लागू नहीं होता।

 

विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे में सबसे पहले वर्कर को नई नौकरी ढूंढने पर ध्यान देना चाहिए। चूंकि उसके पास I-140 अप्रूव है, इसलिए उसे कैप से छूट वाला H-1B वीजा मिल सकता है।

 

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