
सनी देओल की फिल्म ‘बॉर्डर 2’ 23 जनवरी को रिलीज होने जा रही है। यह 1997 में आई हिट फिल्म ‘बॉर्डर’ का सीक्वल है। पहली फिल्म को जेपी दत्ता ने डायरेक्ट किया था, जिसे रिलीज होने के बाद न केवल ब्लॉकबस्टर सफलता मिली, बल्कि इसके निर्माण के दौरान उन्हें जान से मारने की धमकियां भी मिली थीं।
शहीद भाई की याद में बनाई थी ‘बॉर्डर’
जेपी दत्ता ने इस फिल्म को अपने शहीद भाई दीपक दत्ता की याद में बनाया था। दीपक स्क्वाड्रन लीडर थे और उन्होंने 1971 की भारत–पाकिस्तान युद्ध में लोंगेवाला में बहादुरी से लड़ाई लड़ी थी। दीपक और अन्य सैनिकों की वीरता की कहानियां सुनकर जेपी दत्ता ने इस युद्ध पर फिल्म बनाने का फैसला किया।
सरकार के एक गुप्त अधिनियम के कारण 25 साल तक किसी भी युद्ध को डॉक्यूमेंट्री का रूप नहीं दिया जा सकता था, इसलिए जेपी दत्ता ने 1996 तक इंतजार किया और फिर फिल्म की स्क्रिप्ट तैयार की। उस समय के प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव को जब जेपी दत्ता ने स्क्रिप्ट सुनाई, तो उन्होंने कहा था, “यह फिल्म जरूर बननी चाहिए।”
जान से खतरे में थी सुरक्षा
जेपी दत्ता ने ‘फोर्ब्स’ कॉलम में बताया था कि फिल्म के रिलीज होने के बाद उन्हें बार-बार धमकियां मिल रही थीं। उन्हें लगातार सबक सिखाए जाने और मारने की धमकी दी जा रही थी। सुरक्षा के लिए उनके साथ दो बॉडीगार्ड तैनात किए गए, जो तीन–चार महीनों तक चौबीसों घंटे उनकी सुरक्षा में लगे रहे।
बॉर्डर का रिकॉर्ड और उपलब्धियां
साल 1997 में रिलीज हुई ‘बॉर्डर’ 90 के दशक की चौथी सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्म थी और उस साल की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली हिंदी फिल्म भी रही। 10 करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म ने लगभग 65 करोड़ की कमाई की थी। इसके गाने ‘संदेसे आते हैं’, ‘तो चलूं’ और ‘मेरे दुश्मन’ भी ब्लॉकबस्टर साबित हुए।
फिल्म में सनी देओल, सुनील शेट्टी, अक्षय खन्ना, सुदेश बैरी, पुनीत इस्सर, तब्बू, पूजा भट्ट और शरबानी मुखर्जी जैसे कलाकार नजर आए थे। पहले यह फिल्म सलमान खान, आमिर खान, अक्षय कुमार और अजय देवगन को ऑफर की गई थी, लेकिन उन्होंने रोल ठुकरा दिए।
‘बॉर्डर 2’ के साथ मेकर्स भी उसी करिश्मे को दोहराने की उम्मीद कर रहे हैं। अब देखना यह है कि क्या यह सीक्वल पहले की तरह दर्शकों का दिल जीत पाती है।