
इस्लामाबाद।
पाकिस्तान एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय रक्षा बाजार में बड़ी डील हासिल करने की दहलीज पर खड़ा है। इस्लामाबाद और सूडान के बीच लगभग 1.5 अरब डॉलर (करीब 12,500 करोड़ रुपये) का रक्षा समझौता अंतिम चरण में पहुंच गया है, जिसके तहत पाकिस्तान सूडान को हथियार, ड्रोन और लड़ाकू विमान उपलब्ध कराएगा। इस सौदे में चीन के सहयोग से विकसित JF-17 फाइटर जेट की आपूर्ति भी शामिल हो सकती है।
समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने पाकिस्तान के एक पूर्व वायुसेना अधिकारी समेत कई सूत्रों के हवाले से बताया है कि यह डील लगभग फाइनल मानी जा रही है। इसका उद्देश्य सूडान की नियमित सेना को मजबूत करना है, जो इस समय देश में चल रहे गृहयुद्ध के दौरान रैपिड सपोर्ट फोर्सेज (RSF) से संघर्ष कर रही है।
सूडान संकट में पाकिस्तान की एंट्री
यह रक्षा सौदा ऐसे समय सामने आया है जब सूडान भीषण गृहयुद्ध और गंभीर मानवीय संकट से जूझ रहा है। लाखों लोग विस्थापित हो चुके हैं और देश में सत्ता को लेकर हिंसक टकराव जारी है। इस संघर्ष में अंतरराष्ट्रीय शक्तियों की दिलचस्पी भी बढ़ती जा रही है, खासकर लाल सागर से सटे इस रणनीतिक क्षेत्र को लेकर।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, सूडान सरकार को जहां सऊदी अरब का समर्थन हासिल है, वहीं यूएई और इजरायल उसके विरोधी खेमे में माने जाते हैं। ऐसे में पाकिस्तान की ओर से सूडान को सैन्य सहायता क्षेत्रीय संतुलन को प्रभावित कर सकती है।
JF-17 समेत कई हथियार शामिल
डील से जुड़े तीन सूत्रों के मुताबिक, इस समझौते में—
- 10 काराकोरम-8 (K-8) हल्के हमलावर विमान,
- 200 से अधिक ड्रोन, जिनमें निगरानी और आत्मघाती ड्रोन शामिल हैं,
- एडवांस एयर डिफेंस सिस्टम,
- और सुपर मुश्शाक ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट शामिल हैं।
पाकिस्तानी वायुसेना के रिटायर्ड एयर मार्शल आमिर मसूद ने रॉयटर्स को बताया कि इस डील में JF-17 फाइटर जेट भी शामिल हो सकते हैं, हालांकि विमानों की संख्या अभी स्पष्ट नहीं की गई है।
रक्षा निर्यात बढ़ाने की रणनीति
पाकिस्तान हाल के महीनों में डिफेंस एक्सपोर्ट को अपनी अर्थव्यवस्था का अहम स्तंभ बनाने की कोशिश में जुटा है। पिछले महीने पाकिस्तान ने लीबिया के साथ 4 अरब डॉलर से अधिक का रक्षा समझौता किया था, जिसमें 16 JF-17 फाइटर जेट की आपूर्ति शामिल थी। उस डील को अंतिम रूप देने के लिए पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर स्वयं लीबिया गए थे।
अब सूडान के साथ संभावित समझौता पाकिस्तान को न केवल बड़ी विदेशी मुद्रा दिलाएगा, बल्कि उसे अफ्रीका और मध्य-पूर्व के रक्षा बाजारों में मजबूत खिलाड़ी के रूप में स्थापित करने में भी मदद करेगा।
क्षेत्रीय सुरक्षा पर असर
विशेषज्ञों का मानना है कि सूडान जैसे अस्थिर देश को अत्याधुनिक हथियारों की आपूर्ति से क्षेत्रीय अस्थिरता और बढ़ सकती है। साथ ही, इजरायल और यूएई के विरोधी गुट को सैन्य ताकत मिलने से पश्चिम एशिया और अफ्रीका की सुरक्षा राजनीति में नए समीकरण उभर सकते हैं।