Thursday, February 26

मेवाड़ राजवंश: बप्पा रावल से लेकर महाराणा प्रताप तक का गौरवमयी इतिहास

 

This slideshow requires JavaScript.

उदयपुर (राजस्थान), 9 जनवरी 2026: मेवाड़ राजवंश, जिसे उदयपुर के राजघराने के नाम से भी जाना जाता है, इतिहास के पन्नों में एक गौरवमयी छाप छोड़ चुका है। इस राजवंश की स्थापना 8वीं शताब्दी में बप्पा रावल ने की थी, जिन्होंने अपने अद्वितीय साहस और कूटनीति से मेवाड़ को एक शक्तिशाली साम्राज्य में बदल दिया।

 

बप्पा रावल की वीरता और साम्राज्य विस्तार

 

राजस्थान के मेवाड़ क्षेत्र की नींव बप्पा रावल ने लगभग 713 ईस्वी में रखी। वे गुहिल वंश से थे और बाद में उनका वंश सिसोदिया राजवंश के रूप में प्रसिद्ध हुआ। बप्पा रावल ने अपनी वीरता से न केवल भारतीय उपमहाद्वीप, बल्कि पश्चिमी एशिया और मध्य एशिया में भी मेवाड़ का नाम रोशन किया।

 

साम्राज्य विस्तार और युद्धों में विजय

 

बप्पा रावल का साम्राज्य उस समय इतना मजबूत था कि उन्होंने अरब सेनापतियों को हराकर मेवाड़ का क्षेत्र विस्तारित किया। बताया जाता है कि बप्पा रावल ने 8वीं शताब्दी में ही अपनी वीरता का परचम पूरी दुनिया में लहराया। अरब सेना के खिलाफ उनकी बड़ी विजय ने गुजरात और राजस्थान में उनके प्रभाव को और अधिक बढ़ाया।

 

उनकी सैन्य रणनीतियों और युद्ध कौशल ने उन्हें तत्कालीन सम्राटों में विशेष पहचान दिलाई। बप्पा रावल ने ईरान, तुर्किस्तान और कंधार तक अपने साम्राज्य का विस्तार किया। इसके अलावा, पाकिस्तान के रावलपिंडी शहर की नींव भी उन्होंने अपनी सामरिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए रखी, ताकि उत्तर-पश्चिमी सीमा की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

 

मेवाड़ राजवंश का यश: महाराणा सांगा से लेकर महाराणा प्रताप तक

 

बप्पा रावल के बाद मेवाड़ राजवंश में कई वीर शासक हुए, जिनमें महाराणा सांगा, महाराणा कुंभा, राणा हमीर और महाराणा प्रताप जैसे महान योद्धा शामिल हैं। इन शासकों ने मेवाड़ की गरिमा को और बढ़ाया और भारतीय इतिहास में अपनी अमिट छाप छोड़ी।

 

महाराणा प्रताप, विशेष रूप से, अपनी अद्वितीय साहसिकता और स्वाभिमान के लिए प्रसिद्ध हैं। उनका संघर्ष और जिद मेवाड़ के लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना।

 

समाप्ति

 

आज भी मेवाड़ राजवंश की पहचान दुनिया भर में कायम है। इस राजघराने का इतिहास भारतीय साम्राज्य और संस्कृति के महान पहलुओं को दर्शाता है, जो आज भी हम सभी को गर्व महसूस कराता है।

Leave a Reply