Thursday, February 26

तिहाड़ जैसी सुरक्षा में रहेंगे बिहार के कैदी, नीतीश सरकार को मिला नौ महीने का समय

 

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पटना: पटना उच्च न्यायालय ने बिहार सरकार को निर्देश दिया है कि वह राज्य के जेल कानूनों को केंद्रीय मॉडल जेल नियमावली के अनुरूप उन्नत करे। न्यायालय ने इस प्रक्रिया को नौ महीने के भीतर पूरा करने का समय सीमा तय किया है। यह आदेश जनहित याचिका (PIL) के निपटारे के दौरान पारित किया गया।

 

खंडपीठ में कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश सुधीर सिंह और न्यायमूर्ति राजेश कुमार वर्मा ने यह निर्देश दिया। याचिका अधिवक्ता अभिनव शांडिल्य द्वारा दायर की गई थी, जिसमें कहा गया था कि 2016 में केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा तैयार मॉडल जेल नियमावली राज्यों में जेल कानूनों में एकरूपता लाने के लिए आदर्श कानून के रूप में कार्य करती है।

 

जेल सुधार पर कोर्ट ने दिया निर्देश

 

अदालत ने मुख्य सचिव, कानून और गृह विभाग के प्रधान सचिवों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे 2016 की मॉडल जेल नियमावली के अनुसार बिहार जेल कानूनों में आवश्यक सुधार करें। अधिवक्ता जनरल पी.के. शाही ने अदालत को बताया कि इस दिशा में एक समिति का गठन किया गया है और यह अपने काम में लगी हुई है। न्यायालय ने समय सीमा निर्धारित करते हुए मामले को समाप्त कर दिया।

 

पटना हाईकोर्ट में नए न्यायाधीशों का शपथ ग्रहण

 

इस बीच, पटना उच्च न्यायालय के बार से पदोन्नत दो नए न्यायाधीश गुरुवार को अपने पद की शपथ लेंगे। मुख्य न्यायाधीश संगम कुमार साहू पटना उच्च न्यायालय के शताब्दी हॉल में सुबह 10.30 बजे नामित न्यायाधीश रितेश कुमार और प्रवीण कुमार को शपथ दिलाएंगे। शपथ ग्रहण के बाद, पटना उच्च न्यायालय में न्यायाधीशों की संख्या बढ़कर 37 हो जाएगी, जबकि स्वीकृत संख्या 53 है।

 

इस आदेश के लागू होने के बाद बिहार की जेल व्यवस्था में तिहाड़ जेल जैसी सुरक्षा और सुधार सुनिश्चित किए जाएंगे, जिससे कैदियों के अधिकारों और सुरक्षा दोनों की बेहतर व्यवस्था हो सकेगी।

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