Thursday, February 12

करोड़पति टैक्सपेयर्स में भारी इजाफा, लखपतियों की संख्या हुई कम

 

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भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और इसके साथ ही लोगों की इनकम में भी तेजी देखी जा रही है। एसेसमेंट ईयर 2025-26 में करोड़पति टैक्सपेयर्स की संख्या में महत्वपूर्ण बढ़ोतरी हुई है, जबकि कम आय वाले लखपतियों की संख्या घट गई है।

सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (CBDT) की रिपोर्ट के अनुसार, 1 अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक लगभग 9 करोड़ आईटीआर फाइल किए गए, जो पिछले साल के 8.92 करोड़ के मुकाबले मामूली बढ़ोतरी है। कुल टैक्सपेयर्स की संख्या में केवल 1.22 फीसदी की वृद्धि हुई, लेकिन करोड़पति वर्ग में भारी तेजी देखी गई।

आईटीआर आंकड़ों की बारीकी:

  • 1 करोड़ रुपये से अधिक इनकम वाले टैक्सपेयर्स में 22 फीसदी का इजाफा।
  • 5 लाख रुपये तक आय वाले टैक्सपेयर्स की संख्या में करीब 24 फीसदी की गिरावट
  • 5 लाख से 10 लाख रुपये आय वाले टैक्सपेयर्स में 15.4% की वृद्धि
  • 10 लाख से 50 लाख रुपये आय वाले टैक्सपेयर्स में 17.3% की वृद्धि
  • 50 लाख से 1 करोड़ रुपये आय वाले टैक्सपेयर्स में 21.4% की वृद्धि

एक करोड़ से लेकर 5 करोड़ रुपये तक आय वाले टैक्सपेयर्स की संख्या में 21 फीसदी की वृद्धि हुई और यह 2.90 लाख से बढ़कर 3.51 लाख हो गई। वहीं 5 करोड़ से 10 करोड़ रुपये आय वाले टैक्सपेयर्स में 29.7% का इजाफा दर्ज किया गया। सबसे ऊपरी वर्ग में, 10 करोड़ रुपये से अधिक आय वाले टैक्सपेयर्स की संख्या 28.3% बढ़कर 12,670 हो गई।

जानकारों का कहना है कि यह बढ़ोतरी न केवल लोगों की आय बढ़ने का संकेत है, बल्कि टैक्स रिटर्न रिपोर्टिंग में सुधार और सटीकता को भी दर्शाती है।

 

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